
रिपोर्टर अमित कुमार मिश्रा
जांजगीर-चांपा। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पावन पर्व श्री दूधाधारी मठ रायपुर सहित इससे संबंधित श्री जैतू साव मठ, श्री राजीव लोचन मंदिर राजिम तथा श्री शिवरीनारायण मठ में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। श्री दूधाधारी मठ में भगवान का विशेष स्वर्ण श्रृंगार किया गया है, जिसके दर्शन एकादशी तक श्रद्धालुओं को प्राप्त होंगे। जन्माष्टमी के अवसर पर आधी रात को भगवान श्री बालाजी, श्रीराम पंचायतन एवं श्री संकट मोचन हनुमान जी महाराज की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मठ परिसर पहुंचे। मध्यरात्रि में जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का शुभ अवसर आया, पूरा परिसर “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि श्री दूधाधारी मठ की स्थापना के समय से ही श्रद्धालु भगवान के जन्मोत्सव में श्रद्धा-भक्ति के साथ शामिल होते आ रहे हैं। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में भक्तजन भगवान के स्वर्ण श्रृंगार के दर्शन का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने संपूर्ण विश्व के कल्याण की कामना की। राधा-कृष्ण के रूप में नजर आए नन्हे बच्चे जन्माष्टमी के अवसर पर नगर सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। माताएं अपने छोटे-छोटे बच्चों को राधा-कृष्ण के मनमोहक रूप में सजाकर मठ परिसर लेकर पहुंचीं। नन्हे राधा-कृष्ण के आकर्षक रूप ने सभी का ध्यान आकर्षित किया और वातावरण को और भी सुंदर बना दिया।भक्ति संगीत की महफिल ने बढ़ाई रौनक कार्यक्रम में स्वास्तिक संगीत ग्रुप कोटा द्वारा सुमधुर भक्ति संगीत की प्रस्तुति दी गई। भजन-कीर्तन और संगीत से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भजनों पर झूमते और नृत्य करते हुए भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन नजर आए। पुलिस प्रशासन ने संभाली व्यवस्था जन्मोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुव्यवस्थित सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी समय-समय पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पुरुष एवं महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर दूधाधारी मठ परिसर में पूरे समय श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा।









