
रिपोर्टर संतोष केरावत
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिए पंजीयन प्रक्रिया जारी है। अब तक प्रदेश में 13 हजार 508 किसानों ने पंजीयन कराया है। किसान 10 अक्टूबर 2026 तक अपना पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से निर्धारित समय-सीमा में पंजीयन कराने की अपील की है। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया है। प्रदेशभर में 1100 से अधिक पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं। नि:शुल्क पंजीयन की सुविधा किसानों के लिए नि:शुल्क पंजीयन की व्यवस्था ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों के साथ-साथ सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर की गई है। इन केंद्रों पर लगेगा शुल्क एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से पंजीयन कराने पर शुल्क निर्धारित किया गया है। प्रति पंजीयन 50 रुपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। पंजीयन के दौरान भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का परीक्षण कर रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। सिकमी, बटाईदार, कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसानों के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर उपलब्ध होगी। इन श्रेणियों के सभी किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। आधार लिंक बैंक खाते में होगा भुगतान समर्थन मूल्य पर बेची गई उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसी कारण से इस खाते में भुगतान संभव नहीं होने पर पंजीयन के दौरान उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसानों को पंजीयन के समय बैंक खाता नंबर और IFSC कोड उपलब्ध कराना होगा। अक्रियाशील, संयुक्त तथा फिनो, एयरटेल और पेटीएम जैसे खाते पंजीयन के लिए मान्य नहीं होंगे। किसानों को अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाइल नंबर लिंक कराकर अपडेट रखने की सलाह दी गई है। आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य पंजीयन एवं फसल विक्रय के लिए आधार नंबर का सत्यापन अनिवार्य होगा। सत्यापन आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी अथवा बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन तभी मान्य होगा, जब भू-अभिलेख में दर्ज खाते एवं खसरे के नाम का आधार कार्ड में दर्ज नाम से मिलान होगा। नाम में अंतर होने पर तहसील कार्यालय से सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन के बाद ही पंजीयन मान्य होगा। किसानों को एसएमएस से दी जाएगी सूचना विगत रबी एवं खरीफ सीजन में पंजीयन कराने वाले जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस के माध्यम से पंजीयन की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर सूचना प्रदर्शित करने, गांवों में मुनादी कराने तथा समिति एवं मंडी स्तर पर बैनर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।









