
रिपोर्ट – जितेंद्र तिवारी
सागर। पीतल फैक्ट्री परिसर में मोहन कुशवाहा जी द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का सोमवार को श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ भव्य समापन हुआ। कथा के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजन में सहभागिता कर आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया। समापन दिवस पर परम पूज्य अनंत श्री विभूषित, ब्रह्मलीन गृहस्थ संत पंडित श्री देव प्रभाकर शास्त्री “दद्दा जी” महाराज के पावन प्रकटोत्सव के अवसर पर महाआरती एवं पूजन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गृहस्थ संत महंत केशव महाराज जी ने पूज्य गुरुदेव दद्दा जी की विशेष पूजा-अर्चना कर महाआरती संपन्न कराई। कथा के समापन अवसर पर शास्त्री जी ने दद्दा जी का स्मरण करते हुए उनके जीवन चरित्र एवं आध्यात्मिक विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दद्दा जी ने विश्व एवं राष्ट्र कल्याण के लिए जो मार्ग बताया है, उस मार्ग पर चलना ही उनके जन्म दिवस पर सच्ची विनयांजलि होगी।गुरु के महत्व पर किया प्रकाश उन्होंने कहा कि जीवन में गुरु का महत्वपूर्ण स्थान होता है। गुरु हमें शिक्षा के साथ सही दिशा और संस्कार प्रदान करते हैं तथा जीवन में उचित निर्णय लेने की प्रेरणा देते हैं। गुरु का मार्गदर्शन व्यक्ति के चरित्र, सोच और व्यवहार को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि दद्दा जी एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में सदैव अनुशासन, धैर्य, ईमानदारी और परिश्रम का संदेश देते रहे। “गुरु बिन ज्ञान नहीं होता” की भावना को बताते हुए उन्होंने कहा कि गुरु जीवन में ज्ञान और संस्कार का प्रकाश प्रदान करते हैं। गुरु का सम्मान करना और उनके बताए मार्ग पर चलना प्रत्येक शिष्य के लिए प्रेरणादायी है। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने दद्दा जी महाराज के छायाचित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर गुरुचरणों का स्मरण किया। विभिन्न शिष्य मंडलों की रही सहभागिता कार्यक्रम में दद्दा शिष्य मंडल जबलपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, छतरपुर, घनश्यामबाग, कूड़ा, बांदकपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के शिष्य मंडलों के सदस्य शामिल हुए। सागर शिष्य मंडल से कार्यक्रम के आयोजक मोहन कुशवाहा, वरिष्ठ गुरु भाई सुरेंद्र सुहाने, अभय दरे, सुखदेव मिश्रा, राजकुमार तिवारी, उत्तम सिंह, माधव कटारे, अशोक दीक्षित, शिवदत्त व्यास, प्रदीप दुबे, इंजीनियर महेंद्र गोस्वामी, मनोज पवार, नारायण कबीर पंथी, आनंद ददरिया, गुड्डे अग्रवाल, महावीर शर्मा, अशोक चौधरी, रितेश तिवारी, विवेक सक्सेना, अखिलेश गौर, हेमंत रैकवार, नितिन राठौर, रिंकू मासाब, चंदन सुहाने, संदर्भ कठल सहित बड़ी संख्या में दद्दा शिष्य मंडल के गुरु भाई एवं भक्तगण उपस्थित रहे।









