
रिपोर्टर – ब्रजेश कुशवाह
शिवपुरी, 14 अक्टूबर 2026। शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ एवं गर्म पका हुआ मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा पीएम पोषण योजना के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार योजना की प्रभारी अधिकारी श्रीमती सीमा उपाध्याय ने गत दिवस जिले के विभिन्न विकासखंडों के शासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि मध्याह्न भोजन वितरण में लापरवाही करने वाले समूहों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अनियमितता पाए जाने पर संबंधित समूहों को हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
तीन विकासखंडों के विद्यालयों का निरीक्षण निरीक्षण के दौरान जिले के करैरा, पिछोर और खनियाधाना विकासखंड के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था का जायजा लिया गया।
करैरा विकासखंड के शासकीय एकीकृत प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला सिरसौद तथा शासकीय प्राथमिक विद्यालय टोडा का निरीक्षण किया गया। पिछोर विकासखंड के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय भौंती तथा शासकीय प्राथमिक विद्यालय पगरा की व्यवस्थाएं देखी गईं।
इसी प्रकार खनियाधाना विकासखंड के शासकीय एकीकृत शाला श्रीनगर, शासकीय एकीकृत शाला एवं शासकीय प्राथमिक विद्यालय मानपुरा तथा एकीकृत शासकीय माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालय गजोरा का निरीक्षण किया गया।
इस दौरान विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता, वितरण की नियमितता, साफ-सफाई, रसोईघर की स्वच्छता तथा विद्यार्थियों के लिए पेयजल की उपलब्धता का विशेष रूप से जायजा लिया गया।
भोजन की गुणवत्ता और नियमितता पर जोर निरीक्षण दल ने विद्यालयों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिन विद्यालयों में व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पाई गई, वहां संबंधित जिम्मेदारों को आवश्यक सुधार करने तथा शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
वहीं, जिन विद्यालयों में भोजन वितरण की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, वहां संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थाएं निरंतर सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों को प्रतिदिन निर्धारित मीनू एवं मापदंडों के अनुसार ताजा और गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाए। भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन मिल सके।
स्वच्छता और पोषण को प्राथमिकता निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने, भोजन तैयार करने एवं वितरण स्थलों की नियमित सफाई करने, रसोईघर को स्वच्छ रखने और विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
विद्यालय प्रबंधन एवं मध्याह्न भोजन संचालित करने वाले समूहों को निर्देशित किया गया कि पीएम पोषण योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें और प्रत्येक विद्यार्थी को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराएं। जिला प्रशासन का उद्देश्य विद्यालयों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था को बेहतर बनाना, विद्यार्थियों के पोषण स्तर में सुधार करना तथा उन्हें स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।









