
रिपोर्टर लखन ठाकुर
महेश्वर। निमाड़ की माटी के गौरव और खंडवा के सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक किशोर कुमार की 39वीं पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को महेश्वर में संगीतमय श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मां रेवा सुर संगम मंच के तत्वावधान में वार्ड क्रमांक 7 स्थित माली मोहल्ला धर्मशाला में आयोजित भव्य संगीत निशा ‘सुरों की महफिल’ में स्थानीय गायक कलाकारों ने किशोर कुमार के सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर संगीत प्रेमियों का मन मोह लिया।
सायं 6 बजे से देर रात तक चले इस कार्यक्रम में किशोर कुमार के लोकप्रिय गीतों की गूंज से पूरा वातावरण संगीतमय हो उठा। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया।
सदाबहार गीतों से सजी संगीत संध्या कार्यक्रम में कलाकारों ने किशोर कुमार के लोकप्रिय गीतों को अपनी आवाज में प्रस्तुत कर उन्हें संगीतमय श्रद्धांजलि दी। ‘कांची रे कांची’, ‘भोले ओ भोले’, ‘मेरे नैना सावन भादों’ और ‘मेरे सपनों की रानी’ जैसे सदाबहार गीतों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुकेश हिरवे ने ‘देखा न हाय रे, सोचा न हाय रे’, मुकेश कौशल ने ‘दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा’, सईद खान ने ‘तुम साथ हो जब अपने’ और अजय भालसे ने ‘गाड़ी बुला रही है’ गीत की शानदार प्रस्तुति दी।
इसके साथ ही प्रमिला रंसोरे, विनोद चौरे, मनीषा बजाज, देवी सिंह रंसोरे, तिलोक मकवाने, संदीप सराफ, प्रियांशु गाडगे, मनीष पाटीदार, वंदना वर्मा, किशोर गाडगे, रेखा रंसोरे और नंदिता कुशवाह सहित अन्य कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से संगीत संध्या को यादगार बनाया।
मां भारती और किशोर कुमार के चित्र पर किया माल्यार्पण कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती एवं किशोर कुमार के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर मां रेवा सुर संगम मंच के सुनील गाडगे ने कहा कि खंडवा के लाल किशोर कुमार ने अपनी गायकी से निमाड़ का नाम देश-विदेश में रोशन किया है। उनके गीत आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसे हुए हैं। ऐसे महान कलाकार को स्मरण करना हम सभी के लिए गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि मां रेवा सुर संगम मंच द्वारा प्रतिवर्ष इस तरह के आयोजन किए जाते हैं, ताकि निमाड़ की सांस्कृतिक विरासत और संगीत परंपरा को आगे बढ़ाया जा सके।
संगीत प्रेमियों की रही उत्साहपूर्ण सहभागिता संगीत निशा में नगर के बड़ी संख्या में संगीत प्रेमियों, गणमान्य नागरिकों और पत्रकारों ने सहभागिता की। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को किशोर कुमार के सदाबहार गीतों की यादों से जोड़ दिया।
अंत में आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों और उपस्थित संगीत प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह संगीतमय आयोजन किशोर कुमार की अमर गायकी और संगीत विरासत को समर्पित रहा।









