
भारतीय प्रशासनिक सेवा में कई अधिकारी आते हैं और समय के साथ खुद को ढाल लेते हैं, किंतु कुछ अधिकारी ऐसे भी होते हैं जो केवल समय के अनुसार स्वयं को नहीं बदलते बल्कि समय की धारा को ही नया आयाम दे देते हैं। ऐसे ही एक सशक्त और दूरदर्शी अधिकारी हैं – मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन।
साफ-सुथरी और बेदाग छवि, सहज-सरल व शांत स्वभाव, अनुशासित कार्यशैली और समयबद्ध कार्य निष्पादन की जिजीविषा उन्हें बाकी अधिकारियों से अलग पहचान देती है। 1989 बैच के इस आईएएस अधिकारी ने अपनी योग्यता और कार्यक्षमता के दम पर न केवल मध्यप्रदेश बल्कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में भी अपनी विशेष छाप छोड़ी है।
अपने काम के प्रति गहन समर्पण और प्रतिबद्धता ने उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निकट ला दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संयुक्त सचिव तथा मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सचिव के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। उनके अनुभव और प्रभावी कार्यशैली ने प्रशासनिक सुधारों में गति दी और राज्य तथा केंद्र सरकार के बीच समन्वय को और मजबूत किया।
प्रशासनिक नवाचार और सुधार
मुख्य सचिव अनुराग जैन के कार्यकाल में ही 2013 से लंबित ई-ऑफिस प्रणाली को पूरी तरह लागू किया गया। इससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी और कामकाज की गति में उल्लेखनीय सुधार आया। भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, निवेश बढ़ाने तथा पदोन्नति के नए नियम बनाने जैसे महत्वपूर्ण कदम भी उनके मार्गदर्शन में उठाए गए।
उनकी पहल पर मध्यप्रदेश पुलिस ने “सैफ क्लिक” अभियान चलाकर आम जनता को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक किया, जिसके परिणामस्वरूप साइबर फ्रॉड के मामले नगण्य स्तर तक सिमट गए। इसी प्रकार “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान विश्व स्तर पर सफल रहा और वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ। पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए उनके कार्यकाल में हजारों तबादले किए गए जिससे व्यवस्था अधिक प्रभावी हुई।
वित्तीय प्रबंधन और निवेश
अनुराग जैन को वित्तीय प्रबंधन का गहन ज्ञान रखने वाला अधिकारी माना जाता है। उन्होंने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और नई नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाई। मध्यप्रदेश में पब्लिक सर्विसेज डिलीवरी एक्ट के सफल कार्यान्वयन में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान को तैयार करने में भी उनकी बड़ी भूमिका रही, जिसके लिए उन्हें प्रधानमंत्री स्वयं सम्मानित कर चुके हैं।
प्रोत्साहन और जवाबदेही की नीति
मुख्य सचिव जैन उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हैं, वहीं कार्य में लापरवाही बरतने वालों को स्पष्ट शब्दों में फटकारने से भी नहीं चूकते। उन्हें ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए केंद्र सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया है।
खेल और व्यक्तित्व का संतुलन
प्रशासनिक दक्षता के साथ ही श्री जैन खेलों में भी सक्रिय रहे हैं। वे अच्छे टेनिस खिलाड़ी हैं और राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। क्रिकेट में भी वे मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। खेलों के प्रति उनका यह प्रेम उनके ऊर्जावान और संतुलित व्यक्तित्व का परिचायक है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और सेवाएँ
मूल रूप से ग्वालियर निवासी अनुराग जैन ने आईआईटी खड़गपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (बी.टेक ऑनर्स) तथा अमेरिका के मैक्सवेल स्कूल से लोक प्रशासन (एम.ए.) की पढ़ाई की है। वे मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में कलेक्टर तथा राज्य और केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभा चुके हैं।
सेवा विस्तार और विश्वास
उनकी कार्यकुशलता और समर्पण का परिणाम है कि उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार प्रदान किया गया। यह पहली बार हुआ है कि मध्यप्रदेश में किसी मुख्य सचिव को एक बार में ही पूरे एक वर्ष का सेवा विस्तार मिला। आमजन से लेकर मंत्रालय के अधिकारियों तक सभी को इस निर्णय की अपेक्षा थी, किंतु सीधे एक वर्ष की अवधि के लिए विस्तार मिलना अप्रत्याशित था।
अब यह अपेक्षा की जा रही है कि मुख्य सचिव अनुराग जैन अपनी इस नई पारी में भी प्रशासनिक दक्षता और नवाचारों के माध्यम से मध्यप्रदेश को विकास की नई ऊँचाइयों पर पहुँचाएँगे।









