
रिपोर्टर – मोहम्मद आसीफ लंघा
आमला। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक संचालित कुछ ढाबों पर कथित रूप से बिना लाइसेंस शराब बिक्री किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। शिकायतकर्ताओं ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और आबकारी विभाग से संयुक्त जांच कराने की मांग की है। शिकायत में कुछ स्थानों पर कथित रूप से कच्ची शराब तैयार करने में रसायनों अथवा अन्य पदार्थों के इस्तेमाल की बात भी कही गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि इन आरोपों की जांच में पुष्टि होती है तो यह विषय लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि अवैध रूप से तैयार शराब की गुणवत्ता और उसमें इस्तेमाल किए जाने वाले पदार्थों की जानकारी स्पष्ट नहीं होती, इसलिए ऐसे मामलों में प्रशासनिक स्तर पर जांच आवश्यक है। ढाबों के लाइसेंस और दस्तावेजों की जांच की मांग शिकायतकर्ताओं ने पुलिस एवं आबकारी विभाग से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के संदिग्ध ढाबों की संयुक्त टीम बनाकर जांच कराने की मांग की है। जांच के दौरान शराब बिक्री संबंधी लाइसेंस, स्टॉक, खरीदी-बिक्री के दस्तावेज और उपलब्ध शराब की वैधता की जांच किए जाने की अपील की गई है। किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है। शराब के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच कराने की अपील कच्ची शराब की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतकर्ताओं ने जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि जिन स्थानों पर ऐसी शिकायतें सामने आई हैं, वहां से शराब के नमूने लेकर अधिकृत प्रयोगशाला में जांच कराई जानी चाहिए। इससे शराब में किसी हानिकारक या प्रतिबंधित पदार्थ की मौजूदगी की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सप्लाई स्रोत तक पहुंचने की मांग शिकायतकर्ताओं ने कहा कि यदि किसी स्थान पर अवैध शराब बिक्री की पुष्टि होती है तो केवल बिक्री करने वाले व्यक्ति तक कार्रवाई सीमित न रखते हुए शराब के स्रोत और सप्लाई व्यवस्था की भी जांच की जानी चाहिए। इससे अवैध शराब की आपूर्ति से जुड़े संभावित नेटवर्क की जानकारी सामने आ सकती है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ढाबों की नियमित जांच बढ़ाने, शराब बिक्री के लाइसेंस की जांच करने तथा अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।









