
रिपोर्टर धीरज सिंह चंदेल
सौंसर। तथागत बुद्ध की बोधिप्राप्त ज्ञानस्थली बौद्धों का पावन स्थल महाबोधि महाविहार बौद्धों को सौंपे जाने एवं बीटी एक्ट 1949 कानून को हटाने को लेकर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जी की जन्मभूमि महू से शुरू हुई शांति मशाल धम्मयात्रा शनिवार को सौंसर पहुँची। बौद्ध विहार में तथागत बुद्ध एवं डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण, अभिवादन, सामूहिक बुद्ध वंदना पश्चात बुद्ध विहार से डॉ. आंबेडकर तिराहे पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा, ज्योति फूले चौक में, छत्रपति शिवाजी महाराज चौक में प्रतिमा पर वंदन अभिवादन कर जयभीम सलामी हुई। संविधान चौक में धम्म ध्वजारोहण आकाश लामा द्वारा किया गया।
संविधान चौक बाजार परिसर में आकाश लामा द्वारा महाबोधि महाविहार बौद्धगया बौद्धों को सौंपे जाने हेतु विस्तार से बात रखी। इस अवसर पर भदंत धम्मशिखर, भदंत डॉ. चंद्रकीर्ति, भिक्षु संघ, बौद्ध महासभा राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रबोधि पाटिल, समता सैनिक दल राष्ट्रीय जीओसी प्रदीप डोंगरे, बौद्ध महासभा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष धम्मरत्न सोमकुंवर, पी. एस. खोब्रागड़े, नरेंद्र पाटिल ने विचार रखे। प्रस्तावना सुरेश पासवान ने रखी। समता सैनिक दल के राष्ट्रीय पदाधिकारी संघप्रिय लाडे, पृथ्वीराज मोटघरे, बौद्ध महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश लोखंडे, महासचिव चिंतामण पगारे, बाबाराव चारे, अनिरुद्ध दुफारे, बौद्ध महासभा जिला पदाधिकारी नरेंद सोमकुंवर, राजरत्न बागडे, अरविंद हनवते, कैलाश कोचे, हिरामन सोमकुंवर, राजु ठवरे, दि बुद्धिस्ट युवक-युवती समाज कल्याण समिति अध्यक्ष देवेन्द्र पाटिल, रामदास बंसोड, सुधीर शेंडे, शेषराव बागडे, अनेक बौद्ध विद्वानों की मौजूदगी रही। बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी उपस्थित रहे।









