
हमारे सामने गंभीर चुनौतियाँ हैं। हमारा संघर्ष विचारों को लेकर है। हर हिन्दू को सशक्त होना पड़ेगा, क्योंकि दुर्बल की रक्षा ईश्वर भी नहीं करते। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए समाज को शक्ति-संपन्न होने की आवश्यकता है। कट्टरपंथी ताकतें देश को कमजोर करने पर आमादा हैं। इनसे लड़ने के लिए हमें एकजुट होकर हर पल तैयार रहना होगा। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह संपर्क प्रमुख विनय पिंगले ने आज जावरा में कही। वे यहां खाचरौद नाका स्थित कृषि उपज मंडी प्रांगण में पथ संचलन निकलने से पूर्व बड़ी संख्या में उपस्थित आरएसएस के स्वयंसेवकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जहां अच्छी संस्कृति होती है, वहां विघ्नसंतोषी लोग माहौल खराब करते हैं। इस दौरान श्री पिंगले ने लव जिहाद का जिक्र भी किया। संघ के सह संपर्क प्रमुख ने कहा कि बचपन में हमें पढ़ाया गया कि हिन्दू-मुस्लिम, सिख-ईसाई आपस में भाई-भाई हैं। जबकि सिखों का और हमारा तो डीएनए एक है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिखों की हत्या और उन पर हुए अत्याचार का भी उल्लेख किया। श्री पिंगले ने संघ के सदस्यों से आव्हान किया कि अगले दौर में सामाजिक सद्भाव की बैठकें आयोजित होंगी। हिन्दू संगम होंगे, जिसमें सभी को बड़ी संख्या में भाग लेना है। आप लोगों को पूरे विश्व की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। अपनी गली-मोहल्ले, बस्ती व नगर का ध्यान रखिए। हमें डरना नहीं है, थकना नहीं है, रुकना नहीं है। इस अवसर पर मंच पर संघ के धर्मेंद्र सिंह सिसोदिया व सिंधी समाज के वरिष्ठ राम मनसुखानी उपस्थित थे।
जावरा में निकला ऐतिहासिक पथ संचलन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विजयादशमी पर्व के अवसर पर नगर में विशाल पथ संचलन निकला। जिसका शहर में विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने मंच सजाकर पुष्पवर्षा कर जोरदार स्वागत किया। मंडी से प्रारंभ संचलन गीता भवन रोड, गोवर्धननाथ मंदिर चौराहा, सोमवारिया, फुटीबावड़ी, जवाहरपथ, चूड़ी बाजार, बजाज खाना, घण्टाघर, कोठी बाजार, कमानी गेट, निमचौक, लक्ष्मीबाई मार्ग, रतलामी गेट, स्टेशन रोड, थाने के सामने से रेलवे ब्रिज होते हुए चौपाटी से भगत सिंह कॉलेज पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ। संचलन में स्वयंसेवक कदम से कदम मिलाते हुए अनुशासन में चल रहे थे। बताया जाता है कि नगर में पहली बार इतना लंबा पथ संचलन निकला। जो मंडी से शुरू होकर चौपाटी पहुंचा। इस दौरान प्रशासन का सराहनीय सहयोग रहा।
तेज धूप में सुना बौद्धिक
मौसम ने आज अचानक करवट ली और प्रातः 10.30 बजे ही सूरज ने अपने तेवर दिखाना शुरू कर दिए। तेज गर्मी पड़ने से बौद्धिक सुनने बैठे स्वयंसेवक पसीने से तरबतर हो उठे। किसी को अंदेशा नहीं था कि सूर्य की इतनी तेज किरणें निकलेगी। बारिश होने और धूप निकलने की संभावना निर्मूल होने के कारण पंडाल की व्यवस्था नहीं की गई। हालांकि स्वयंसेवकों के लिए ठंडे पानी की टंकियां रखवाई गई थीं।









