
रिपोर्ट/रवि सरकार
किरंदुलनगर बंगाली कैंप हरि मंदिर में आस्था,श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम आज किरंदुल के हरि मंदिर में देखने को मिला,जहां संध्या बेला में हजारों की संख्या में भक्तगण एकत्रित होकर श्री श्री हरिचंद ठाकुर जी के 214वें पावन जन्मोत्सव को अत्यंत भक्ति भाव से मना रहे हैं,पूरा मंदिर परिसर “हरि बोल” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बन गया,
संध्या समय आयोजित मतुआ मातम कार्यक्रम ने सभी श्रद्धालुओं के मन को भक्ति रस में सराबोर कर दिया, इस दिव्य आयोजन में केवल किरंदुल ही नहीं,बल्कि दूर-दराज क्षेत्रों—पखांजूर,उड़ीसा, जुगनी,जगदलपुर, गीदम एवं अन्य स्थानों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे,बाहर से आए लगभग 15 दलों ने अपनी भावपूर्ण और मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया,
मातम की प्रत्येक प्रस्तुति में भक्ति, समर्पण और आस्था की गहरी झलक देखने को मिली डंका ढोल-नगाड़ों की गूंज,भक्ति गीतों की स्वर लहरियां और श्रद्धालुओं का उत्साह—इन सबने मिलकर पूरे वातावरण को दिव्यता से भर दिया, सैकड़ों नहीं, बल्कि हजारों की भीड़ इस पावन क्षण की साक्षी बनी और हर कोई भक्ति में लीन नजर आया,
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी इस महापर्व को लेकर लोगों में अपार उत्साह देखने को मिला,श्रद्धालु पूरे वर्ष इस दिन का इंतजार करते हैं, और जैसे ही यह पावन अवसर आता है, पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में रंग जाता है,
रात्रि में मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जहां सभी भक्तों के लिए प्रेमपूर्वक प्रसाद की व्यवस्था की गई, श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर स्वयं को धन्य महसूस किया,
यह भव्य आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है,बल्कि समाज में एकता,भाईचारा और प्रेम का संदेश भी देता है—जहां हर व्यक्ति भक्ति के रंग में रंगकर एक सूत्र में बंधा नजर आता है








