
रिपोर्टर: राजीव बिस्वास,
लगाम क्षेत्र के आसपास के गाँवों में नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में शराब और अन्य मादक पदार्थों की उपलब्धता में वृद्धि देखी गई है, जिससे सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस स्थिति का असर विशेष रूप से युवाओं पर पड़ रहा है। कई स्थानों पर नशे के सेवन के बाद आपसी विवाद और अनुशासनहीन व्यवहार की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इसके कारण परिवारों और सामाजिक वातावरण पर भी प्रभाव पड़ रहा है, साथ ही बच्चों की शिक्षा पर भी इसका असर देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त ध्यान देने की आवश्यकता है। कुछ स्थानों पर यातायात व्यवस्था को मजबूत करने और आवश्यकतानुसार पुलिस की तैनाती की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि नशे से संबंधित गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि क्षेत्र में सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
कानूनी प्रावधानों के अनुसार, अवैध शराब के निर्माण, बिक्री या परिवहन पर राज्य आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है। साथ ही, यदि किसी प्रकार की हानिकारक या मिलावटी सामग्री पाई जाती है, तो संबंधित धाराओं के अंतर्गत सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।








