
रिपोर्टर – सिरोज विश्वकर्मा
बीजापुर। जिले में आयोजित “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पुनर्वास कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस दौरान दंडकारण्य क्षेत्र से जुड़े 25 लोगों (जिनमें 12 महिलाएं शामिल हैं) ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
यह कार्यक्रम समाज के वरिष्ठजनों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं सुरक्षा बलों की उपस्थिति में आयोजित किया गया। इस अवसर पर बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर तथा अन्य अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
पुनर्वास के लिए बढ़ते कदम
कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल लोगों को शासन की पुनर्वास नीति के अनुसार विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसमें आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा एवं रोजगार के अवसर शामिल हैं, ताकि वे समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें।
महत्वपूर्ण उपलब्धियां
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामग्रियों की बरामदगी की जानकारी भी साझा की गई, जिसमें नगद राशि, आभूषण एवं अन्य वस्तुएं शामिल हैं। साथ ही विभिन्न प्रकार के उपकरण भी प्राप्त हुए हैं।
प्रशासन के अनुसार, यह कार्यवाही क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
दीर्घकालिक प्रयासों का परिणाम
अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ समय से चल रहे प्रयासों के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में लोग मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। जनवरी 2024 से मार्च 2026 तक जिले में कुल 1000 से अधिक लोगों ने पुनर्वास का मार्ग अपनाया है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
शांति और विकास की दिशा में पहल
“पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में शांति, विकास और विश्वास का वातावरण मजबूत करना है। प्रशासन एवं सुरक्षा बलों द्वारा लगातार संवाद और सहयोग के माध्यम से लोगों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
समाज में पुनर्स्थापन पर जोर
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यधारा में लौटने वाले सभी लोगों को समाज में पुनर्स्थापित करने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन और संबंधित विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं, जिससे उन्हें स्थायी रूप से बेहतर जीवन के अवसर मिल सकें।
यह पूरा आयोजन क्षेत्र में सामंजस्य, विकास और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।









