
रिपोर्ट – टेलू राम कश्यप
गरियाबंद – जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत गरियाबंद को 10 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस प्राप्त हुईं। जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर बी.एस. उइके, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती लालिमा ठाकुर, नगरपालिका अध्यक्ष रिखीराम यादव, जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर, नगरपालिका उपाध्यक्ष आसिफ मेमन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एस. नवरत्न सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में एंबुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवरत्न ने जानकारी दी कि इन 10 एंबुलेंसों में से एक वाहन एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) से सुसज्जित है, जबकि शेष 9 वाहन बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) सुविधाओं से लैस हैं। इन वाहनों में वेंटिलेटर, कार्डियक मॉनिटर और डिफिब्रिलेटर जैसी आवश्यक जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले प्राथमिक उपचार मिल सकेगा।
इन एंबुलेंसों की तैनाती जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में की गई है, जिसमें जिला अस्पताल गरियाबंद में 2 एंबुलेंस को बेस स्टेशन के रूप में रखा गया है। इसके अलावा पी.एच.सी. पाण्डुका, सी.एच.सी. राजिम, फिंगेश्वर, छुरा, मैनपुर, अमलीपदर, देवभोग और सूपेबेड़ा में एंबुलेंसों की तैनाती की गई है, जिससे हर ब्लॉक में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि अब 108 संजीवनी एक्सप्रेस सेवा का संचालन जी.वी.के.-एमरी द्वारा किया जाएगा, जिससे सेवाओं की गुणवत्ता और प्रतिक्रिया समय में सुधार होने की उम्मीद है।
कलेक्टर बी.एस. उइके ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकता है। नई एंबुलेंसों की तैनाती से आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार मिलेगा और रेफरल व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक सुविधाओं से लैस एंबुलेंसों की उपलब्धता से “गोल्डन आवर” में इलाज संभव होगा, जिससे दुर्घटना, हृदयाघात और अन्य गंभीर स्थितियों में मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी। इस पहल को जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









