
रिपोर्ट – टेलू राम कश्यप
गरियाबंद। प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार को जिला मुख्यालय गरियाबंद में प्रदर्शन किया। गांधी मैदान में आयोजित कार्यक्रम के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचकर राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष चमन यादव ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं ने बिजली दरों में प्रस्तावित वृद्धि को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की और उपभोक्ताओं पर इसके संभावित प्रभाव को सामने रखा।
जिलाध्यक्ष चमन यादव ने कहा कि राज्य में बिजली उत्पादन की पर्याप्त क्षमता होने के बावजूद दरों में वृद्धि का प्रस्ताव सामने आया है, जिस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका प्रभाव मध्यम वर्ग, छोटे व्यापारियों, किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
7 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन:
पार्टी द्वारा राज्य विद्युत वितरण कंपनी एवं शासन को सौंपे गए ज्ञापन में प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि पर पुनर्विचार किया जाए।
पूर्व में बढ़ाई गई दरों की समीक्षा की जाए।
बड़े बकायादारों एवं संबंधित विभागों से प्राथमिकता के आधार पर वसूली की जाए।
ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और सुचारु बनाया जाए।
स्मार्ट मीटर व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएं।
ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर एवं विद्युत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
किसानों के अस्थायी विद्युत कनेक्शनों को स्थायी करने पर विचार किया जाए।
पार्टी पदाधिकारियों ने सुझाव दिया कि विद्युत वितरण से जुड़ी व्यवस्थाओं में सुधार और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार को कम किया जा सकता है।
संभावित प्रभाव पर चर्चा:
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि प्रस्तावित दरों में वृद्धि लागू होती है, तो इसका प्रभाव घरेलू उपभोक्ताओं, लघु उद्योगों और कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है।
इस प्रदर्शन के माध्यम से बिजली दरों का मुद्दा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब आगे की कार्रवाई को लेकर सभी की नजरें संबंधित विभाग और राज्य सरकार के निर्णय पर बनी हुई हैं।









