
रिपोर्टर – वकील तिवारी
छतरपुर। जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के ग्राम चौका से कैमाहा खंड के पैकेज-4 के अंतर्गत चल रहे बाईपास निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों के पालन को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माणाधीन फ्लाईओवर की दीवारों में जगह-जगह दरारें दिखाई दे रही हैं। साथ ही, पुल निर्माण के दौरान कंक्रीट डालने की प्रक्रिया में वाइब्रेटर के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
फ्लाईओवर की दीवारों में दिखाई दीं दरारें स्थानीय लोगों के अनुसार, फ्लाईओवर के किनारे बनाई जा रही करीब एक फीट चौड़ी सुरक्षा अथवा रिटेनिंग दीवारों में कई स्थानों पर दरारें दिखाई दे रही हैं। निर्माण के शुरुआती चरण में ही दीवारों पर दरारें आने से कार्य की गुणवत्ता और निर्माण सामग्री की मजबूती को लेकर चिंता जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य का तकनीकी निरीक्षण कराने और दरारों के कारणों का पता लगाने की मांग की है।
पुल निर्माण में तकनीकी मानकों की जांच की मांग पुलों के निर्माण के दौरान कंक्रीट डालने की प्रक्रिया को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि कुछ स्थानों पर कंक्रीट डालते समय वाइब्रेटर का उपयोग नहीं किया जा रहा है। निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीणों ने विशेषज्ञों की टीम से जांच कराने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है। इसलिए निर्माण सामग्री और कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों से जांच की मांग निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और मीडिया प्रतिनिधियों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के मुख्य महाप्रबंधक एन. एल. येवतकर के समक्ष मामले की जांच कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि निर्माण स्थल का निरीक्षण कर तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य की स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी मांग की है कि जांच में यदि कोई अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए और निर्माण कार्य को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाए।
अधिकारियों ने जांच कराने की बात कही राष्ट्रीय राजमार्ग के इंजीनियर हेमंत ने शिकायतकर्ता से निर्माण कार्य से संबंधित वीडियो और फोटो भेजने को कहा था। शिकायतकर्ता के अनुसार, वीडियो और फोटो भेजने के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग छतरपुर के मैनेजर एस.के. चौधरी ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की विस्तृत जांच कराई जाएगी और आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जाएंगे।
गुणवत्ता जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद एनएच-34 बाईपास निर्माण को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद अब तकनीकी जांच की मांग तेज हो गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए, ताकि सड़क और पुलों की मजबूती सुनिश्चित हो सके। अब संबंधित अधिकारियों की जांच और निरीक्षण के बाद ही निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।









