
रिपोर्टर संतोष कुमार धनगर!
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान शाखा भैरुंदा द्वारा सब जेल कन्नोद मे
खातेगांव// बंदी आत्म उत्थान कार्यक्रम मे स्वामी श्री आशानंद जी ने दो दिवसीय भजन सत्संग के माध्यम से स्वामी जी ने कैदीयों को प्रायश्चित करवाते हुए,सत्संग के माध्यम से बताया की जीवन बहुत दुर्लभता से प्राप्त हुआ है इस जीवन को किसी महापुरुष के सानिध्य मे रहकर जीवन जिया जाय तो जीवन अमृत मय हो जाता है ! महापुरषों के सानिध्य प्राप्त किए बिना शांति और प्रशन्नता असंभव है जो
ब्यक्ति मनमुखी हो कर जीवन जीता है उसका जीवन पतन हो जाता है मन के मते न चलिए मन पका यमदूत! ले डूबे दरिया मे जाये हाथ से छूट!!
सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कहते हैं की, मनुष्य जन्म से अपराधी नहीं होता, परिस्थितियां और संगती इंसान को अपराधी बना देती है, और इंसान सलाखों के पीछे कलंकित जीवन जीता है, इसलिए अच्छे लोगों की संगती करना चाहिये, अच्छे विचारों को सुनना चाहिए,मनुष्य जैसा सुनता है वैसा रास्ता चुनता है|
सैकड़ो कदियों ने भजन सत्संग के माध्यम सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त किया, एवं 28 कैदी भाइयों ने ब्रह्म ज्ञान की दीक्षा द्वारा आत्मा ज्योति का साक्षात्कार कर आनंदित हुए! और
रत्नाकर डाकू से ऋषि मल्मीकि तक यात्रा करने का संकल्प लिया, अंगुलीमाल डाकू से संत अंगुलीमाल तक सफऱ तय करने का प्रण लिया,
कार्यक्रम मे
उप जेल अधीक्षक श्री गिरजा शंकर दुबे जी एवं पिंकी दांगी आरक्षक, आयुषी भार्गव, तथा अमर कुमार पांडे आरक्षक उनके सहयोगी
समस्त स्टॉफ का सराहनीय योगदान रहा।
भारत माता की जय 🙏🙏









