
शाहडोल। जिले में एक सनसनीखेज हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेलिंग रैकेट का पर्दाफाश होना अभी बाकी है। अब तक जिसे एक युवती का कारनामा समझा जा रहा था, वह दरअसल कुछ बहुत ही प्रभावशाली और अमीर लोगों का संगठित आपराधिक गिरोह है। इसमें प्रतिभा साकेत सिर्फ एक मोहरा है, जिसका काम प्रभावशाली लोगों को झूठे मामलों में फंसाकर उनसे मोटी रकम ऐंठना और फिर उस पैसे को अपने आकाओं तक पहुंचाना है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस व्यक्ति पर कार्रवाई हुई है और जो इस वक्त जेल में है, वह शाहडोल का एक बहुत ही शरीफ और प्रतिष्ठित व्यक्ति है। वह पूर्व में युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं और उन्हें शाहडोल का हर व्यक्ति जानता है। बिना किसी ठोस सबूत के उनका जेल जाना इस बात का सबूत है कि यह रैकेट कितना बेखौफ और शक्तिशाली है। सूत्रों के अनुसार, प्रतिभा का मुख्य काम नामचीन व्यक्तियों का नाम खराब करना है। वह बदनामी के डर का फायदा उठाकर लोगों से पैसे लेती है और फिर यह रकम उन ‘अनाम’ व्यक्तियों को सौंपती है जो पुलिस, प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में बेहद शक्तिशाली हैं। यह भी पता चला है कि यह रैकेट बुढ़ार के नामचीन कोल माफिया से भी जुड़ा हुआ है, जिससे इसकी पहुंच और खतरनाक इरादों का पता चलता है। कहा जा रहा है कि इस पूरे रैकेट में पुलिस, सभी प्रमुख नेता और जिले के कुछ बहुत ही अमीर लोग शामिल हैं। यह भी कहा जा रहा है कि प्रतिभा साकेत को पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों का भी परोक्ष संरक्षण मिला हुआ है। इसी वजह से यह रैकेट अब तक बेखौफ होकर काम कर रहा है और कोई भी बड़ी कार्रवाई नहीं हो रही है। प्रतिभा के भाई मनीष पर भी पहले हत्या के प्रयास का आरोप लग चुका है, जो इस परिवार की आपराधिक पृष्ठभूमि को और पुख्ता करता है। जब तक इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और पर्दे के पीछे के असली मास्टरमाइंड बेनकाब नहीं होते, तब तक कानून-व्यवस्था की बहाली संभव नहीं है। यह रैकेट इस बात का सबूत है कि कैसे पूरे सिस्टम को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और आम जनता के लिए न्याय की उम्मीद खत्म हो रही है।









