
रिपोर्ट राजेश देश
पखांजूर। शिक्षक दिवस के अवसर पर 6 सितंबर को क्रांतिकारी विचार मंच इकाई पखांजूर द्वारा शिक्षक सदन में स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए ‘बोल के लब आज़ाद हैं तेरे’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में क्षेत्र के 9 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत की प्रथम महिला शिक्षिका एवं समाज सुधारिका क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन कृष्णा कौर ने किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को तीन विषयों में से किसी एक विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। इनमें शिक्षा प्रणाली में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं तार्किक सोच का महत्व, सोशल मीडिया के दौर में फेक न्यूज से बचाव तथा सवाल करने की आजादी का महत्व शामिल रहे। प्रतिभागियों ने अपने चयनित विषयों पर आत्मविश्वास और प्रभावशाली तरीके से विचार रखे। निर्णायक दिनेश नेगी एवं जोझन लो ने मूल्यांकन के बाद शीर्ष पांच प्रतिभागियों का चयन किया। शीर्ष पांच प्रतिभागियों में हाई स्कूल मटोली के सूजय वाइन, लाइफ अकादमी पखांजूर के ईशान विश्वास, निवेदिता स्कूल पखांजूर की बबली विश्वास, स्वामी आत्मानंद विद्यालय हरनगढ़ की सलोनी समद्दार तथा आराधना कॉन्वेंट स्कूल पखांजूर की खुशी मंडल शामिल रहीं। सभी चयनित विद्यार्थियों को सावित्रीबाई फुले अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वहीं प्रतियोगिता में शामिल अन्य विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं ने गीतों की प्रस्तुति देकर आयोजन को और भी आकर्षक बनाया। क्रांतिकारी विचार मंच के अध्यक्ष हरपाल सिंह ने कहा कि मंच द्वारा वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच, समानता और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर निरंतर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में अपनी बात रखने और जिज्ञासाओं को व्यक्त करने की क्षमता विकसित करना जरूरी है। सवालों के माध्यम से नई सोच और सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा मिलता है।कार्यक्रम में मंच के उपाध्यक्ष आरिफ कुरैशी, सचिव महेश्वर शर्मा, व्याख्याता राजनीति विज्ञान मटोली हायर सेकेंडरी विद्यालय के रीखीराम भुआर्य, मुकेश जांगड़े, संतोष ठाकुर, जॉन नाग, मोहम्मद जुनैद अख्तर सहित पत्रकार गोपाल ब्रह्मचारी, पीयूष मंडल, पल्लव विश्वास, एससी-एसटी-ओबीसी समाज के संरक्षक सुखरंजन उसेंडी तथा विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।









