
रिपोर्टर पखांजूर
29 अक्टूबर – मेंड़्रा और मदले के स्वर्णिम इतिहास का अविस्मरणीय दिवस।
छत्तीसगढ़ की धरती पर विकास और विश्वास की एक नई इबारत लिखी गई। स्वतंत्रता प्राप्ति के 78 वर्षों के दीर्घ अंतराल के पश्चात प्रथम बार कोई जनप्रतिनिधि उस दुर्गम, दुर्जेय और घोर नक्सल प्रभावित अंचल मेंड्रा की धरा पर पधारे – वो हैं अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र के यशस्वी, कर्मठ और जन-जन के नायक विधायक विक्रम देव उसेंडी।
जिस धरती पर दशकों तक लाल आतंक के साये में जनप्रतिनिधियों के कदम भी कांपते थे, वहां नक्सलवाद के समूल उन्मूलन और भारतीय जनता पार्टी की सुशासन नीति के परिणामस्वरूप आज विकास का सूर्योदय हुआ है। यह केवल एक दौरा नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के *”भयमुक्त बस्तर – विकसित बस्तर”* के संकल्प की प्रचंड विजय है।
*मूसलाधार बारिश में भी अडिग रहा जनविश्वास – रात 8 बजे तक टकटकी लगाए रहा जनसैलाब*
प्रकृति भी इस ऐतिहासिक क्षण की परीक्षा ले रही थी। मूसलाधार बारिश के बावजूद मेंड़ा के जनमानस का अपने जननायक के प्रति अनुराग अविचल रहा। अबोध ग्रामीण, माताएं, युवा रात्रि 8 बजे तक अपने हृदय सम्राट विधायक की एक झलक पाने, उनकी ओजस्वी वाणी सुनने हेतु अडिग खड़े रहे। यह दृश्य लोकतंत्र की जीवंतता और विधायक उसेंडी के प्रति अपार जन-आस्था का अकाट्य प्रमाण था।
विधायक विक्रम देव उसेंडी ने न केवल धरातल पर बैठकर ग्रामीणों की पीड़ा, वेदना और आकांक्षाओं को आत्मसात किया, बल्कि मंच से ही त्वरित निराकरण का शंखनाद किया।
*एक ही मंच से ₹80 लाख की अभूतपूर्व विकास की सौगात – भाजपा का वादा, पक्का इरादा*
अपने चिर-परिचित निर्भीक और निर्णायक अंदाज में विधायक उसेंडी ने घोषणा की – मदले ग्राम पंचायत के सर्वांगीण विकास हेतु ₹40 लाख।
मेंड्रा ग्राम पंचायत के नवनिर्माण हेतु ₹40 लाख।
अर्थात कुल ₹80 लाख के विकास कार्यों की ऐतिहासिक घोषणा। यह घोषणा नहीं, यह मेंड्रा-मदले के भविष्य का शिलान्यास है। यह भारतीय जनता पार्टी की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है, इसका ज्वलंत प्रमाण है।
यह कार्यक्रम भाजपा संगठन की सशक्तता का भी प्रतीक बना। इस गौरवशाली क्षण के साक्षी बने भाजपा मंडल कापसी के ऊर्जावान अध्यक्ष अजय बाछाड़ जिला उपाध्यक्ष दीपांकर दत्ता, विमल साहा, अमित दास, तुषार सरदार, बबला मैत्र, प्रदीप माझी, महंत राय, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष आकाश सरकार, राहुल पाल, अमरोतीन कुमेटी, लीला बाई कोठरी, सुकलू अचला, संभु सलाम, मनेश्वरी नेताम, छवि लाल लेडिया, बल्ली बड्डे, सोमजी कोमरा, मंगू राम उसेंडी सहित सैकड़ों सक्रिय कार्यकर्ता और ग्रामीणजन।
29 अक्टूबर 2026 का यह दिवस मेंड्रा के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गया। यह दिन साबित करता है – *जहां भाजपा है, वहां भय नहीं, केवल विकास है।*









