
रिपोर्ट : बी.एस. वर्मा
आष्टा। जैन पर्युषण महापर्व के अवसर पर स्थानीय टैलेंट इनोवेटिव हायर सेकेंडरी स्कूल, आष्टा की प्रार्थना सभा में विशेष उद्बोधन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्युषण महापर्व के धार्मिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक महत्व से परिचित कराना और आत्मचिंतन, संयम तथा सद्भावना के मूल्यों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य सुदीप जायसवाल ने विद्यालय के स्टाफ एवं विद्यार्थियों के साथ णमोकार महामंत्र के सामूहिक उच्चारण से की। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्युषण महापर्व की परंपराओं और इसके महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पर्युषण महापर्व आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि, प्रायश्चित्त और धर्मग्रंथों के अध्ययन का पर्व माना जाता है। इस दौरान क्षमा, दया, मैत्री और अहिंसा जैसे मानवीय मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया जाता है। जैन परंपरा में इस पर्व के दौरान उपवास, प्रार्थना एवं ध्यान जैसी साधनाओं के माध्यम से आत्मिक शांति और विश्व कल्याण की कामना की जाती है। कार्यक्रम में श्वेतांबर परंपरा के अनुसार पर्युषण पर्व की अवधि तथा दिगंबर परंपरा में मनाए जाने वाले पर्व की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई। विद्यार्थियों को संयमित जीवन, आत्मचिंतन और सभी के प्रति सम्मान की भावना अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। अवसर पर उपस्थित अभिभावकों ने भी कार्यक्रम की सराहना की और विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों को उपयोगी बताया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की सहभागिता रही।








