
रिपोर्टर – अरशद अली
भिलाई। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) भिलाई द्वारा भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), दुर्ग परिसर में महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने 72 महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेट हेल्थ कार्ट तथा 24 स्टार्टअप्स को इग्निशन ग्रांट प्रदान किया। इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, दुर्ग महापौर अल्का बाघमार और सहकार भारती के कलीराम शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए तकनीकी ज्ञान, प्रशिक्षण और बाजार की जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा और तकनीकी ज्ञान का उपयोग समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर विकसित करने में किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने मिलेट आधारित उत्पादों को महिला उद्यमिता से जोड़ने की पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि मिलेट पोषण के साथ आय के अवसर भी उपलब्ध करा सकता है। महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेट हेल्थ कार्ट उपलब्ध कराने के साथ उत्पाद निर्माण, एफएसएसएआई मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण, व्यवसाय प्रबंधन और विपणन से संबंधित प्रशिक्षण देने की जानकारी भी दी गई। उन्होंने बताया कि 24 नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को कुल 50 लाख रुपये की इग्निशन ग्रांट दी जा रही है। उन्होंने युवाओं से नवाचार के क्षेत्र में निरंतर प्रयास करने और अनुभवों से सीखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया। सांसद विजय बघेल ने मिलेट को ‘श्री अन्न’ के रूप में बढ़ावा देने और महिला समूहों को तकनीकी ज्ञान से जोड़ने की आवश्यकता पर विचार रखे। विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं। उन्होंने युवाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की बात कही। विधायक रिकेश सेन ने स्टार्टअप गतिविधियों को लेकर अपने विचार रखे। महापौर अल्का बाघमार और सहकार भारती के कलीराम शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत सीएसवीटीयू के कुलपति डॉ. अरुण अरोड़ा के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने आयोजन के उद्देश्य, महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता विकास और नवाचार से जुड़े विषयों पर जानकारी दी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के प्राध्यापक, गणमान्य नागरिक, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं और युवा उपस्थित रहे।









