
रिपोर्टर – जय प्रकाश
सिंगरौली। मोरवा विस्थापन से जुड़ी मांगों को लेकर बुधवार, 30 सितंबर को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत एनसीएल मुख्यालय के समक्ष संयुक्त मंच द्वारा प्रदर्शन किया गया। आंदोलन में बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार, स्थानीय नागरिक, व्यापारी और विभिन्न विस्थापन मंचों से जुड़े लोग शामिल हुए। सुबह से ही मोरवा का बाजार बंद रहा। फल, सब्जी, मेडिकल स्टोर सहित विभिन्न आवश्यक सामग्री से जुड़ी दुकानों के संचालकों ने आंदोलन को समर्थन दिया। आयोजकों के अनुसार सुबह करीब 10 बजे तक बड़ी संख्या में लोग एनसीएल मुख्यालय के समक्ष पहुंच चुके थे। संयुक्त मंच के बैनर तले एकजुट हुए विस्थापन मंच प्रदर्शन की विशेष बात यह रही कि मोरवा विस्थापन से जुड़े विभिन्न मंच संयुक्त मंच के बैनर तले एक साथ नजर आए। विभिन्न मंचों द्वारा लंबे समय से पुनर्वास, मुआवजा और आर एंड आर से जुड़ी मांगें उठाई जा रही हैं। इस दौरान सभी मंचों ने सामूहिक रूप से अपनी मांगों को प्रबंधन के समक्ष रखने की बात कही।इस कार्यक्रम की तैयारी के लिए इससे पहले आयोजित आमसभा में विभिन्न विस्थापन मंचों ने 30 सितंबर को एनसीएल मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने और पुनर्वास एवं विस्थापन से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया था। पूर्व विधायक रामलल्लू वैश्य ने भी रखी बात आंदोलन के दौरान पूर्व विधायक रामलल्लू वैश्य भी मंच पर पहुंचे। उन्होंने विस्थापित परिवारों की मांगों का समर्थन करते हुए उचित मुआवजा, पुनर्वास और प्रभावित परिवारों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी। मुख्यालय के गेटों पर प्रदर्शन, पुलिस बल तैनात एनसीएल मुख्यालय पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यालय के विभिन्न गेटों पर प्रदर्शन किया। मुख्य गेट पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को व्यवस्थित करने का प्रयास किया। आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए सिंगरौली पुलिस के करीब 250 से अधिक जवानों की तैनाती की गई। पुलिस बल एनसीएल मुख्यालय के विभिन्न गेटों एवं आसपास के क्षेत्रों में मौजूद रहा। प्रशासन की ओर से प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए व्यवस्थाएं की गईं। पुनर्वास और मुआवजा प्रमुख मांगें संयुक्त मंच द्वारा रखी गई प्रमुख मांगों में उचित पुनर्वास, मुआवजा निर्धारण में पारदर्शिता, आर एंड आर के लाभ, विस्थापन कार्ड, गणना पत्रक, भूमि एवं परिसंपत्तियों के मूल्यांकन सहित दस्तावेजी प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग शामिल है। विस्थापन मंचों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। प्रबंधन से वार्ता की मांग खबर लिखे जाने तक एनसीएल प्रबंधन की ओर से प्रदर्शनकारियों से वार्ता के लिए कोई अधिकारी मुख्यालय के समक्ष नहीं पहुंचा था। प्रदर्शनकारी प्रबंधन के प्रतिनिधियों से वार्ता कर अपनी मांगों पर चर्चा की मांग कर रहे थे। संयुक्त मंच का कहना है कि यह कार्यक्रम मोरवा के प्रभावित परिवारों की सामूहिक मांगों को सामने रखने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। विभिन्न मंचों के एक साथ आने के बाद पुनर्वास, मुआवजा और आर एंड आर से जुड़े विषयों को संयुक्त रूप से प्रबंधन के समक्ष रखा जा रहा है।









