
रिपोर्टर – राजेन्द्र तिवारी
दमोह। पंजीयन प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने पंजीयक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संपदा 2.0 पोर्टल पर ऑनलाइन टोकन व्यवस्था के साथ अलग रजिस्टर में भी प्रविष्टियां किए जाने का मामला सामने आया। कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित रजिस्टर जब्त कराया गया है। मामले में जांच के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि शासन की मंशा पंजीयन प्रक्रिया को पारदर्शी और फेसलेस बनाकर आम नागरिकों एवं किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन और भूमि स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों का उचित सत्यापन आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि भूमि स्वामियों के नाम, दस्तावेजों और भूमि हस्तांतरण से संबंधित विभिन्न शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें मिलते-जुलते नामों अथवा अन्य दस्तावेजों के आधार पर भूमि विक्रय किए जाने की आशंकाएं भी शामिल हैं। इन मामलों की जांच कर वास्तविक भूमि स्वामियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
नजूल भूमि एवं पट्टे की भूमि के हस्तांतरण में आवश्यक अनुमति से संबंधित मामलों की भी जांच की जाएगी। इसके साथ ही कॉलोनियों में निर्मित मकानों का पंजीयन केवल भूखंड के रूप में किए जाने संबंधी शिकायतों की पड़ताल कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, ताकि शासन को देय स्टाम्प ड्यूटी सहित अन्य राजस्व का सही निर्धारण हो सके।
ऑनलाइन टोकन व्यवस्था का होगा प्रभावी पालन निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि संपदा 2.0 पोर्टल के माध्यम से टोकन बुकिंग एवं जनरेशन की ऑनलाइन व्यवस्था लागू है। इस प्रक्रिया के तहत संबंधित व्यक्ति को संदेश भी प्राप्त होता है। इसके बावजूद कार्यालय में अलग रजिस्टर के माध्यम से टोकन संबंधी प्रविष्टियां की जा रही थीं। कलेक्टर ने संबंधित रजिस्टर जब्त कराने के निर्देश दिए और पूरे मामले की जांच करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय के एक कक्ष में टेबल पर रखी राशि के संबंध में भी जानकारी ली गई। संबंधित युवक ने राशि को सर्विस प्रोवाइडर की बताया, जबकि सर्विस प्रोवाइडर ने राशि किसी अन्य व्यक्ति को देने के लिए लाने की बात कही। राशि के वास्तविक स्रोत और उद्देश्य का पता जांच के बाद चलेगा। कलेक्टर ने इस संबंध में पुलिस जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही।
निर्धारित शुल्क की जानकारी के लिए लगेंगे सूचना बोर्ड कलेक्टर यादव ने कहा कि रजिस्ट्री के दौरान पोर्टल पर निर्धारित स्टाम्प ड्यूटी, पंचायत उपकर, नगरीय क्षेत्र से संबंधित उपकर और अन्य देय राशि नियमानुसार ही ली जानी चाहिए। दस्तावेज लेखन एवं अन्य सेवाओं के लिए भी शासन द्वारा निर्धारित शुल्क का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
आम नागरिकों को शुल्क की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पंजीयक कार्यालयों और सर्विस प्रोवाइडरों के यहां सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करने के साथ संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में पंजीयन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
कार्यालयों में व्यवस्थाओं की निगरानी के निर्देश कलेक्टर ने कहा कि कार्यालय परिसर में संचालित होने वाली गतिविधियों और नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की निगरानी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में बैठ रहे युवक के संबंध में भी जानकारी ली गई। युवक के अनुसार, वह पिछले सात दिनों से वहां बैठ रहा था। उसे वहां बैठने की अनुमति किन परिस्थितियों में दी गई और संबंधित लोगों की क्या भूमिका रही, इसकी जांच की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नागरिकों से निर्धारित शुल्क ही जमा करने की अपील कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आम नागरिकों एवं किसानों से अपील की कि वे रजिस्ट्री के लिए शासन द्वारा निर्धारित शुल्क का ही भुगतान करें। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित शुल्क से अतिरिक्त राशि की मांग करता है या पंजीयन प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानी उत्पन्न करता है, तो इसकी शिकायत संबंधित कार्यालय में करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों को पारदर्शी, सरल और नियमानुसार पंजीयन सेवाएं उपलब्ध कराना है।









