
रिपोर्टर आशीष पाण्डेय
मुंगेली। रबी वर्ष 2026-27 से जिले में रासायनिक उर्वरकों के वितरण को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (एफएफएस) ऐप आधारित क्यूआर कोड एवं टोकन प्रणाली लागू की जा रही है। इस व्यवस्था के माध्यम से किसानों को उनकी भूमि के रकबे और बोई गई फसल की आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जा रही है।
नई प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें जिले के उर्वरक विक्रेताओं, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों, कृषि विकास अधिकारियों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को ऐप के संचालन तथा क्यूआर कोड एवं टोकन के माध्यम से उर्वरक वितरण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
किसानों को मिलेगी डिजिटल प्रणाली की जानकारी उपसंचालक कृषि श्रीमती वीणा ठाकुर ने एफएफएस प्रणाली के संबंध में गांवों में चौपालों के माध्यम से किसानों को जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और विक्रेताओं से किसानों को नई व्यवस्था की जानकारी देने तथा आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की बात कही।
जिला मास्टर ट्रेनर श्री मनहरण कुर्रे ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि एफएफएस ऐप के माध्यम से उर्वरक प्राप्त करने के लिए किसान की भूमि एवं फसल संबंधी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके बाद आवश्यक उर्वरक की मात्रा का चयन, विक्रेता का चयन और टोकन जनरेट करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जनरेट किए गए टोकन के आधार पर किसानों को उर्वरक वितरित किया जाएगा।
प्रशिक्षण में समझाई गई वितरण प्रक्रिया प के दौरान उर्वरक विक्रेताओं को ऐप के माध्यम से प्राप्त क्यूआर कोड एवं टोकन के आधार पर उर्वरक वितरण करने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही अधिकारियों को नई डिजिटल व्यवस्था के संचालन और किसानों को मार्गदर्शन देने के संबंध में जानकारी दी गई।
इस पहल से जिले में उर्वरक वितरण प्रक्रिया को डिजिटल प्रणाली से जोड़ने, वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने और किसानों को उनकी कृषि आवश्यकताओं के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराने में सहायता मिलने की उम्मीद है।









