
रिपोर्ट – दीपेश जैन
( कोतमा) असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक महापर्व दशहरा इस वर्ष भी नगर में अत्यंत उत्साह, उमंग और श्रद्धा के साथ मनाया गया। नगर पालिका परिषद द्वारा ठाकुर बाबा धाम मंदिर के पास स्थित मैदान में 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण कराया गया था, जिसे देखने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा परिसर भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंजायमान हो उठा। भव्य प्रकाश व्यवस्था और शानदार आतिशबाजी दशहरा पर्व को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष अजय कुमार सराफ द्वारा विशेष प्रबंध किए गए थे। दशहरा मैदान को रंग-बिरंगी आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया था, वहीं आसमान को रोशन करती हुई आतिशबाजी ने दर्शकों का मन मोह लिया। पुतला दहन के दौरान हुई आतिशबाजी का उपस्थित जनसमूह ने जमकर लुत्फ उठाया। सजीव झांकियों और रामलीला संवाद ने बांधा समां उत्सव के दौरान देवगवां गांव की प्रसिद्ध ‘रसिक रामलीला मंडली’ द्वारा अद्भुत प्रस्तुतियां दी गईं। मंडली के कलाकारों ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान के साथ-साथ रावण, मारीच और बाणासुर की बेहद सजीव और मनमोहक झांकियां सजाईं। यह चल समारोह और भव्य जुलूस नगर भ्रमण करते हुए जब दशहरा मैदान पहुंचा, तो वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। मैदान के मंच पर रावण, मारीच और बाणासुर के बीच रोमांचक संवाद का मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ जुटी रही।
श्रीराम की आरती और अहंकार का अंत मंचन के उपरांत नगर पालिका अध्यक्ष अजय कुमार सराफ ने विधि-विधान से भगवान श्रीराम की आरती उतारकर उनका पूजन किया। इसके पश्चात, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने अपनेधनुष-बाण से अहंकार के प्रतीक रावण के पुतले पर प्रहार किया। देखते ही देखते रावण का विशाल पुतला धू-धू कर जल उठा, जिसके साथ ही मैदान में मौजूद हजारों लोगों ने “जय श्रीराम” के गगनभेदी नारे लगाए।
कलाकारों के उत्कृष्ट अभिनय की सराहना रसिक रामलीला मंडली, देवगवां के सभी पात्रों और प्रबंधकों के उल्लेखनीय योगदान की पूरे नगर में प्रशंसा हो रही है। इस सफल आयोजन में प्रमुख रूप से शैलेन्द्र शुक्ला, संतोष, अनुज, अम्बुज, ज्ञानेंद्र राम, हरिओम शुक्ला कालिया, अखिलेश यादव, संचालन एवं व्यवस्था गजेंद्र शुक्ला (संचालक), तीरथ शुक्ला (व्यवस्थापक), दीपक, बीरेन्द्र, श्रीकांत, विकास, शिवदत्त, संदीप व्यास और पंडित श्री रामभजन शुक्ला रहे
इन सभी के समर्पित प्रयासों और कुशल मार्गदर्शन से नगर का यह दशहरा उत्सव क्षेत्र में एक यादगार और भव्य आयोजन बन गया।









