
रिपोर्टर प्रेम कुण्डले
बड़वाह /सनावद मे सिविल अस्पताल की क्षमता 40 से बढ़ाकर 100 बिस्तरीय अस्पताल में उन्नयन करने तथा अस्पताल में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के रिक्त पदों की पूर्ति की मांग क्षेत्रवासी लंबे समय से कर रहे हैं। पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं एवं स्टाफ के अभाव में सनावद और आसपास के सौ से अधिक ग्रामों के गंभीर रूप से घायल और रोगियों को चिकित्सा हेतु दूरस्थ इंदौर,खरगोन एवं खंडवा ले जाना पड़ता है। सनावद और आसपास के ग्रामों की लगभग 3 लाख की आबादी चिकित्सा के लिए सनावद सिविल अस्पताल पर निर्भर हैं।
इस तारतम्य में विधायक सचिन बिरला ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र प्रेषित किया है। पत्र में सिविल हॉस्पिटल सनावद में पिछले 3 वर्षों की ओपीडी,आईपीडी और प्रसव की संख्या का उल्लेख किया गया है। सिविल अस्पताल में
वर्ष 2023-24 में – 73,850 ओपीडी, 4,569 आईपीडी एवं 1950 प्रसव,वर्ष 2024-25 में 61,118 ओपीडी,4,463 आईपीडी एवं 1900 प्रसव तथा वर्ष 2025-26 में 76,015 ओपीडी, 4,976 आईपीडी और प्रसव 1,841
वर्तमान में अस्पताल में 80 प्रकार की पैथोलॉजी जांचें की जा रही हैं। 40 बिस्तरों की सीमित क्षमता के बावजूद प्रतिवर्ष लगभग 76 हजार से अधिक ओपीडी तथा 18 से 19 सौ संस्थागत प्रसव कराया जाना यह स्पष्ट करता है कि सिविल अस्पताल को तत्काल 100 बिस्तरीय अस्पताल में उन्नयन किया जाना अत्यंत आवश्यक है।पत्र में कहा गया है कि
अस्पताल में साल दर साल मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी लंबे समय से बनी हुई है।अस्पताल में
प्रथम श्रेणी के विशेषज्ञ के स्वीकृत 06 पदों में से नेत्ररोग विशेषज्ञ का 1 पद,
द्वितीय श्रेणी चिकित्सा अधिकारी के स्वीकृत 8 पदों में से 2 पद तथा
तृतीय श्रेणी पैरामेडिकल एवं नर्सिंग स्टाफ के स्वीकृत 58 पदों में से 19 पद रिक्त हैं। जिनमें मुख्य रूप से स्टाफ नर्स के 4 पद,एएनएम के 2 पद,ड्रेसर के 3 पद, नर्सिंग सिस्टर, ओटी नर्स,लेब टेक्नीशियन, कम्पाउंडर एवं एलएचवी के पद रिक्त हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के स्वीकृत 20 पदों में से 16 पद रिक्त हैं। जिनमें वार्डबॉय के 9 पद, स्वीपर के 4 पद, दाई के 2 पद एवं आया का 1 पद रिक्त है।इस प्रकार अस्पताल के स्वीकृत 92 पदों में से 40 पद रिक्त हैं। इस कारण अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों को रोगियों की चिकित्सा में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पत्र में मांग की गई है कि सिविल अस्पताल सनावद को 100 बिस्तरीय अस्पताल में उन्नयन हेतु पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव को शासन स्तर पर शीघ्र ही स्वीकृति दिलाई जाए। साथ ही अस्पताल के लंबे समय से रिक्त पदों की तत्काल प्रभाव से पूर्ति की जाए।








