
रिपोर्टर – रिंकू सिंह तोमर
शिवपुरी। जिले में औषधीय एवं गैर-काष्ठीय वनोपज की उपलब्धता, वर्तमान स्थिति तथा व्यापार की संभावनाओं को समझने के उद्देश्य से वन विद्यालय शिवपुरी में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला वनमंडल शिवपुरी एवं सोसायटी फॉर रिसोर्स प्लानिंग, डेवलपमेंट एंड रिसर्च, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई। कार्यशाला में जिले के वनोपज संग्राहक, ग्रामीणजन, वन विभाग के फ्रंटलाइन स्टाफ, औषधीय पौधों के क्रेता तथा वनस्पति विज्ञान विषय के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. मंजू वर्मा, एम.के.एस. राठौर, डॉ. मनीष मिश्रा एवं प्रो. मंजू वर्मा ने विभिन्न विषयों पर जानकारी साझा की।कार्यक्रम का उद्घाटन एवं अध्यक्षता सुधांशु यादव, भा.व.से., वनमंडलाधिकारी, सामान्य वनमंडल शिवपुरी ने की। इस अवसर पर उप वनमंडलाधिकारी शिवपुरी शैलेन्द्र सिंह तोमर, वन विद्यालय शिवपुरी की अनुदेशक श्रीमती रिंकी आर्य, एच.एस. भार्गव एवं परिक्षेत्र अधिकारी शिवपुरी सचिन शर्मा सहित वन विभाग एवं वन विद्यालय का अमला उपस्थित रहा। वनोपज के सतत उपयोग पर जोर कार्यशाला में विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रकार की औषधीय एवं गैर-काष्ठीय वनोपज के संग्रहण, व्यापार, उपलब्धता तथा उनके बेहतर उपयोग से जुड़े विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। वनोपज के संरक्षण के साथ-साथ उनके सतत उपयोग और उपलब्धता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान समूह चर्चा एवं प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से वनोपज के संग्रहण, उपयोग, व्यापार एवं संरक्षण से संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।









