
रिपोर्ट – डॉ. आनंद दीक्षित
बुरहानपुर। राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ की रचना के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुक्रवार को बुरहानपुर में ‘नमामि भारतम्’ राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत सम्पूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ का सामूहिक गायन आयोजित किया गया। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के आह्वान पर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सरस्वती नगर में प्रातः 11 बजे विद्यार्थियों, आचार्यों, अभिभावकों एवं नागरिकों ने एक साथ, एक लय और एक स्वर में राष्ट्रगीत का गायन किया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री हर्ष सिंह एवं नगर निगम कमिश्नर श्री संदीप श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों, आचार्यों, अभिभावकों एवं नागरिकों के साथ सहभागिता करते हुए सम्पूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ का गायन किया। विद्यालय परिसर राष्ट्रगीत के स्वरों से गूंज उठा और उपस्थितजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। देशभर में 25 हजार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों, आचार्यों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों एवं नागरिकों ने एक साथ सम्पूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। आयोजकों के अनुसार इस सामूहिक गायन को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। राष्ट्रीय चेतना एवं सांस्कृतिक विरासत का संदेश पूर्व छात्र परिषद विभाग संयोजक धीरज नावानी ने बताया कि विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के आह्वान पर आयोजित इस राष्ट्रव्यापी अभियान में देशभर के सरस्वती शिशु मंदिरों सहित विभिन्न स्थानों पर विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक, पूर्व छात्र एवं नागरिक सहभागी बने। बुरहानपुर में भी विद्यालय परिवार, विद्यार्थी, अभिभावक एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उन्होंने बताया कि एक ही समय पर देशभर में सम्पूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ का सामूहिक गायन राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना की सामूहिक अभिव्यक्ति का अवसर बना। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय विरासत, संस्कृति, कर्तव्यों एवं सामाजिक जिम्मेदारियों से परिचित कराने का प्रयास किया गया। संस्कार और राष्ट्रभाव जीवनभर साथ रहते हैं – कलेक्टर मुख्य अतिथि कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने कहा कि वे स्वयं सरस्वती शिशु मंदिर के पूर्व छात्र हैं। बाल्यकाल से ही शिशु मंदिर में सम्पूर्ण ‘वन्दे मातरम्’, सरस्वती प्रार्थना सहित अनेक प्रार्थनाएं कंठस्थ रही हैं। उन्होंने कहा कि शिशु मंदिर से मिले संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभाव जीवनभर व्यक्ति के साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक और समाज के नागरिक एक साथ सम्पूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ का गायन कर रहे हैं, यह भारत की एकात्म चेतना और राष्ट्रीय एकता की सुंदर अभिव्यक्ति है। हमारी भाषाएं, वेशभूषाएं, परंपराएं और जीवन-पद्धतियां अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन मातृभूमि के प्रति हमारा भाव एक है। यही भारत की सांस्कृतिक एकता का आधार है। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कृति और राष्ट्रीय विरासत से जोड़ना आवश्यक है। शिक्षा ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, कर्तव्यबोध और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का माध्यम भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को आत्मसात करने तथा अपनी प्रतिभा, ज्ञान और परिश्रम का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने का आह्वान किया। वन्दे मातरम् के इतिहास पर डाला प्रकाश कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री संतोष वाघमारे ने ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्षों के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कृतज्ञता हमारे जीवन को समृद्ध बनाती है और मातृभूमि के प्रति सम्मान हमारी सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने ‘वन्दे मातरम्’ के इतिहास एवं स्वतंत्रता आंदोलन में इसके योगदान की जानकारी देते हुए मातृभूमि के प्रति समर्पण, कर्तव्य पालन, अच्छे विचार एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विद्यालय समिति के उपाध्यक्ष श्री मुकेश शाह, सचिव श्री काशीनाथ चौधरी, सह सचिव श्री भारत पाटिल, सदस्य श्री निरंजन नागर, श्री भगवत राठौर, श्री प्रमोद महाजन, संस्था प्राचार्य श्री प्रमोद कुलकर्णी, प्रधानाचार्य श्री देवेंद्र चौरे सहित विद्यालय के आचार्य परिवार, विद्यार्थी, पूर्व छात्र परिषद के सदस्य, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक राष्ट्रीय अभियान में सहभागिता की। सामूहिक ‘वन्दे मातरम्’ के माध्यम से उपस्थितजनों ने मातृभूमि के प्रति सम्मान, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रभाव की सामूहिक अभिव्यक्ति की।









