
रिपोर्टर – रामनारायण पाटीदार
शारदेय नवरात्रि मेले को लेकर यातायात एडवाइजरी जारी, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए किए गए विशेष इंतजाम
धार। श्री कालिका माता शारदेय नवरात्रि मेले का आयोजन धार स्थित कालिका देवी मंदिर प्रांगण में किया जाएगा। इस दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना, पूजा-अर्चना, सांस्कृतिक कार्यक्रम और गरबा सहित अनेक धार्मिक आयोजन होंगे। कालिका माता मंदिर एवं अन्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए यातायात पुलिस धार द्वारा सुचारु यातायात व्यवस्था, आम नागरिकों की सुविधा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यातायात एडवाइजरी जारी की गई है। निर्धारित व्यवस्था 19 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।
मध्यम एवं भारी वाहनों के लिए निर्धारित किए गए डायवर्जन मार्ग यातायात एडवाइजरी के अनुसार, मध्यम एवं भारी वाहनों को राजनंदिनी तिराहा, मतलबपुरा तिराहा, घोड़ा चौपाटी एवं श्याम ढाबा से निर्धारित मार्गों की ओर डायवर्ट किया जाएगा। इस अवधि में मध्यम एवं भारी वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित डायवर्जन मार्गों का उपयोग करें तथा मेला क्षेत्र और भीड़भाड़ वाले मार्गों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
देवीजी मंदिर एवं मेला क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध कालिका माता मंदिर एवं मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दोपहिया वाहनों की पार्किंग आम के पेड़ एवं पाटीदार स्कूल के पास निर्धारित की गई है। मतलबपुरा से नित्यानंद आश्रम, देवीजी मंदिर प्रांगण एवं पाटीदार स्कूल तक दोपहिया और चारपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
आवश्यक सेवाओं एवं आपातकालीन वाहनों को परिस्थितियों के अनुसार प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें और वहां से पैदल मंदिर एवं मेला परिसर तक पहुंचें।
मंदिर एवं मेला क्षेत्र के प्रवेश मार्गों पर वाहन खड़े करने, सड़क पर पार्किंग करने तथा यातायात बाधित करने से बचने की अपील की गई है।
यातायात एडवाइजरी का पालन करने की अपील यातायात पुलिस ने आम नागरिकों एवं श्रद्धालुओं से जारी एडवाइजरी का पालन करने, निर्धारित मार्गों का उपयोग करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देने की अपील की है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराना और शहर में यातायात का सुचारु संचालन सुनिश्चित करना है।








