
रिपोर्टर – शिवकुमार कंडरा
धमतरी, 12 अक्टूबर 2026। धमतरी की दशकों पुरानी ऐतिहासिक वनोपज मंडी एक बार फिर गुलजार हो उठी है। श्यामतराई स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वनोपज एवं औषधीय उत्पादों के नियमित क्रय-विक्रय का शुभारंभ पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू ने किया। अब प्रत्येक सोमवार को यहां वनोपज की खरीदी-बिक्री के लिए मंडी लगेगी। खुली बोली के माध्यम से किसानों एवं वनोपज संग्राहकों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
यह पहल धमतरी की पुरानी व्यापारिक परंपरा को पुनर्जीवित करने के साथ वनांचल के किसानों, वनोपज संग्राहकों, छोटे व्यापारियों और स्थानीय उद्यमियों को बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय स्तर पर नियमित खरीदी-बिक्री की सुविधा मिलने से उत्पादकों को दूरस्थ बाजारों पर निर्भरता कम करने, परिवहन खर्च बचाने और अपनी उपज के विपणन के लिए एक व्यवस्थित मंच मिलने की उम्मीद है।
आठ कृषकों ने प्रस्तुत किए वनोपज एवं औषधीय उत्पाद मंडी के शुभारंभ अवसर पर आठ कृषक अपने उत्पाद लेकर पहुंचे। इस दौरान अश्वगंधा, हर्रा, गिलोय सहित विभिन्न वनोपज एवं औषधीय उत्पादों की खुली बोली के माध्यम से खरीदी-बिक्री की गई। अतिथियों की उपस्थिति में आयोजित इस प्रक्रिया से स्थानीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य निर्धारण और नियमित व्यापार को प्रोत्साहन मिला। वनोपज का उचित मूल्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राथमिकता : रंजना साहू
पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू ने कहा कि धमतरी की ऐतिहासिक वनोपज मंडी का पुनः संचालन जिले की व्यापारिक परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ किसानों एवं वनोपज संग्राहकों के हित में महत्वपूर्ण पहल है। वनांचल के अनेक परिवार अपनी आजीविका के लिए लघु वनोपज और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर हैं। ऐसे में उन्हें स्थानीय स्तर पर नियमित बाजार उपलब्ध कराना आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में उपयोगी कदम है।
उन्होंने कहा कि किसानों, ग्रामीण परिवारों और वन आधारित आजीविका से जुड़े लोगों के लिए कृषि उत्पादन, वनोपज संग्रहण, प्रसंस्करण, विपणन और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना आवश्यक है। समर्थन मूल्य पर अधिसूचित लघु वनोपज की खरीदी, वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से मूल्य संवर्धन तथा महिला स्व-सहायता समूहों की आजीविका गतिविधियां इस क्षेत्र में नए अवसर विकसित करने में सहायक हो सकती हैं।
श्रीमती साहू ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, कृषि अवसंरचना निधि और किसान उत्पादक संगठनों को प्रोत्साहन देने जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर खरीदी-बिक्री, भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन की सुविधाएं विकसित होने से किसानों एवं संग्राहकों को अपनी मेहनत का बेहतर प्रतिफल प्राप्त करने के अवसर मिल सकते हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्यामतराई मंडी के नियमित संचालन से धमतरी सहित आसपास के वनांचल क्षेत्रों के उत्पादकों को लाभ मिलेगा। उन्होंने व्यापारियों से अधिक से अधिक उत्पादकों की उपज खरीदने और उन्हें मंडी से जोड़ने की अपील की।
कच्ची वनोपज से मूल्य संवर्धन तक विकसित होगी पूरी श्रृंखला : कलेक्टर
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि ऐतिहासिक वनोपज मंडी को पुनः सक्रिय करने का उद्देश्य जिले के किसानों एवं वनोपज संग्राहकों को स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। प्रत्येक सप्ताह नियमित क्रय-विक्रय की व्यवस्था बनने से उत्पादकों को अपनी उपज बेचने के लिए दूरस्थ बाजारों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। इससे समय और परिवहन लागत की बचत के साथ विपणन प्रक्रिया भी सुविधाजनक होगी।
उन्होंने कहा कि धमतरी में वनोपज एवं औषधीय उत्पादों के प्रसंस्करण, पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन की व्यापक संभावनाएं हैं। आवश्यकता इस बात की है कि वन क्षेत्र से प्राप्त उत्पाद केवल कच्चे रूप में बाहर न जाएं, बल्कि उनके संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण और विपणन तक की गतिविधियां स्थानीय स्तर पर विकसित हों।
इससे वनोपज पर निर्भर परिवारों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ युवाओं, महिला समूहों और स्थानीय उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मंडी का नियमित संचालन, उत्पादकों की भागीदारी बढ़ाना और स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार का विस्तार करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
पांच स्व-सहायता समूहों को मिले 25-25 हजार रुपये के प्रोत्साहन चेक कार्यक्रम में कृषि सुधार विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत पांच स्व-सहायता समूहों को 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए गए। इसके साथ ही व्यक्तिगत कृषकों को भी सम्मानित किया गया।
इस पहल का उद्देश्य समूहों की आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाना और सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। महिला स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीण उत्पादकों की सक्रिय भागीदारी से स्थानीय स्तर पर उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की संभावनाओं को गति मिल सकती है।
हर सोमवार सुबह 10 बजे से होगी खरीदी-बिक्री कृषि उपज मंडी समिति धमतरी द्वारा प्रत्येक सोमवार को सुबह 10 बजे से कार्य समाप्ति तक श्यामतराई मंडी परिसर के शेड क्रमांक-01 में पोल क्रमांक 04 से 08 तक का हिस्सा वनोपज एवं अन्य औषधीय उत्पादों के क्रय-विक्रय के लिए आरक्षित किया गया है। किसान एवं वनोपज संग्राहक निर्धारित स्थल पर अपनी उपज लेकर पहुंच सकते हैं।
कार्यक्रम में वनमंडलाधिकारी श्री श्रीकृष्णा जाधव ने जिले में उपलब्ध वनोपज एवं वन संपदा की संभावनाओं की जानकारी दी। जिला लघु वनोपज व्यापारी संघ के अध्यक्ष श्री इस्तियाक रोकड़िया तथा श्री सत्यनारायण राठी ने भी अपने विचार रखे।
स्थानीय व्यापार को मिलेगा नया विस्तार धमतरी का श्यामतराई क्षेत्र लंबे समय से वनोपज व्यापार से जुड़ा रहा है। वनांचल और मैदानी क्षेत्रों के बीच स्थित होने के कारण यह क्षेत्र स्थानीय उत्पादों के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण स्थान रखता है। पहले अनेक उत्पादकों और व्यापारियों को वनोपज एवं औषधीय उत्पादों के व्यापार के लिए बस्तर और जगदलपुर जैसे केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता था।
अब नियमित मंडी सुविधा उपलब्ध होने से स्थानीय स्तर पर व्यापार को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं हैं। ऐतिहासिक वनोपज मंडी का पुनः संचालन धमतरी की पुरानी व्यापारिक पहचान को नया विस्तार देने के साथ वन आधारित आजीविका, ग्रामीण उद्यमिता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में नई शुरुआत है।
आने वाले समय में यह मंडी वनोपज संग्रहण से लेकर खरीदी-बिक्री, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन तक की गतिविधियों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच बन सकती है। इससे स्थानीय उत्पादकों को बाजार उपलब्ध होने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।









