
रिपोर्टर – मुकेश मालवीया
खारकलाँ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) द्वारा राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘अमृत स्वर’ व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्व हिंदू परिषद के विभाग सहमंत्री श्री आदित्य मेहता एवं श्रीमती जयश्री चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
व्याख्यानमाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना तथा राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व, राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता संग्राम में उसकी प्रेरणादायी भूमिका से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह गीत भारतभूमि के प्रति श्रद्धा, समर्पण और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस गीत ने देशवासियों में राष्ट्रीय चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके ओजस्वी स्वर ने अनेक क्रांतिकारियों एवं राष्ट्रभक्तों को मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा दी।
व्याख्यानमाला के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को राष्ट्रीय गीत की गौरवशाली परंपरा, देश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का संदेश दिया गया।









