
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने घरेलू क्रिकेट को और अधिक व्यावहारिक और निष्पक्ष बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी और अन्य बहु-दिवसीय घरेलू मैचों में अगर कोई खिलाड़ी गंभीर रूप से घायल हो जाता है, तो उसकी जगह टीम को नया खिलाड़ी उतारने की अनुमति होगी। इस नए नियम को नाम दिया गया है – “गंभीर चोटिल खिलाड़ी प्रतिस्थापन नियम” (Serious Injury Replacement Rule)।
भारतीय खिलाड़ियों की चोट ने उठाया सवाल
हाल ही में कई भारतीय क्रिकेटर मैदान पर चोटिल हुए हैं। ऋषभ पंत की चोट का मामला तो क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय रहा ही, इसके अलावा घरेलू स्तर पर भी कई खिलाड़ी जैसे पृथ्वी शॉ और जयदेव उनादकट चोट के कारण बीच सीज़न से बाहर हो चुके थे। ऐसे हालात में टीमों को कम खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरना पड़ा। इन्हीं अनुभवों के आधार पर यह बदलाव किया गया है।
नया नियम कैसे लागू होगा?
टीम केवल वही खिलाड़ी रिप्लेसमेंट के तौर पर उतार सकेगी, जिसका नाम टॉस से पहले रिज़र्व सूची में दर्ज किया गया हो।
रिप्लेसमेंट की अनुमति देने का अधिकार मैच रेफ़री और ऑन-फील्ड अंपायरों के पास होगा।
चोट की गंभीरता का निर्धारण मेडिकल टीम की रिपोर्ट से होगा।
घायल खिलाड़ी का नाम भी मैच के रिकॉर्ड में बना रहेगा और रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के आँकड़े अलग से दर्ज होंगे।
किन टूर्नामेंटों में लागू होगा?
यह नियम रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, ईरानी कप और सीके नायडू ट्रॉफी जैसे लंबे प्रारूप के घरेलू मुकाबलों में लागू होगा।
T20 और वनडे प्रारूप की घरेलू प्रतियोगिताओं जैसे विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अभी इसे लागू नहीं किया गया है।
क्रिकेट विशेषज्ञों कप्तान अनिल कुंबले और दिग्गज बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह कदम खिलाड़ियों की सुरक्षा और खेल की निष्पक्षता, दोनों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। इससे टीमों को 10 खिलाड़ियों के साथ जूझने की नौबत नहीं आएगी।









