
नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रही है। ताज़ा अनुमानों के अनुसार निकट भविष्य में भारत, जर्मनी और जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की तेज़ GDP ग्रोथ, डिजिटल ट्रांजैक्शन का बढ़ता दायरा, विदेशी निवेश में उछाल और उत्पादन क्षेत्र में हो रही मजबूती इस सफलता के मुख्य कारण हैं। वर्तमान में भारत पाँचवें स्थान पर है, लेकिन मौजूदा आर्थिक संकेतक बताते हैं कि अगले कुछ वर्षों में भारत शीर्ष तीन देशों में शामिल होगा।
आर्थिक जानकारों का आकलन है कि 2030 तक भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 7 ट्रिलियन डॉलर के आसपास पहुँच सकता है। इससे न केवल रोज़गार और उद्योग क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी, बल्कि भारत का वैश्विक प्रभाव भी कहीं अधिक मज़बूत होगा।
सरकार की मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाएँ, साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश, भारत को एक नए आर्थिक युग की ओर ले जा रहे हैं।









