
रिपोर्टर गोलू बैरागी
गुना/चांचौड़ा। माता बीजासन देवी धाम प्राचीन काल से ही प्रसिद्ध सिद्ध स्थान है। मान्यता है कि लगभग 900 साल पहले पालीवाल ब्राह्मण परिवार की वृद्धा को अनेक बार स्वप्न में दर्शन देकर मंशा खेड़ी गांव पार्वती नदी में प्रकट होने की बात कही जाती थी। अंततः सभी ग्रामवासी मिलकर उक्त स्थान पर पहुंचे और माता रानी के दर्शन किए और प्रार्थना की। तब उस वृद्धा के अंचल में मूर्तियां स्वयं आ गई और सभी लोग पश्चिम दिशा में 4 किलोमीटर दूर ब्राह्मण बस्ती ग्राम किशोरा में स्थित हो गई। माता रानी द्वारा बताई गई विधि से ही आज तक पूजा अर्चना होती है। नवरात्रि में अनुष्ठान और परंपरागत पूजा आरती होती है। हजारों यात्री दर्शनार्थ आते हैं। माघ और बैसाख माह में लाखों श्रद्धालु दर्शनार्थ आते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। ग्राम किशोरा में भव्य माता जी का मन्दिर है जिसमें माता रानी पश्चिम मुखी मिट्टी के सिंहासन पर विराजमान हैं। गुना जिला मुख्यालय से दक्षिण दिशा में और चांचौड़ा तहसील मुख्यालय से पूर्व में स्थित है। लगभग अर्ध शतक से पूजा करते आ रहे पुजारी गणेश प्रसाद उपाध्याय ने उक्त जानकारी दी। समीपस्थ ग्राम पंचायत गेहूंखेड़ी के अंतर्गत यह गांव आता है। गेहूंखेड़ी, गादेर, किशोरा, चक हरीछा, पीपल्या कला, बापचा लहरिया, अरन्या नलखेड़ा, सुंदरपुरा, टोडी, कीताखेड़ी, लखनवास, रतोधना, अशाखेड़ी, रामपुरा आदि ग्राम आस-पास लगे हुए हैं। इन्दौर, भोपाल, उज्जैन, राजगढ़, विदिशा, गुना, झालावाड़ आदि जिलों से यात्री दर्शनार्थ आते हैं। माता रानी के दरबार में पहले बटुक भैरव के दर्शन भी अवश्य करते हैं। ग्राम का लेखा-जोखा: ग्राम पंचायत गेहूंखेड़ी में आता है किशोरा गांव। जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। कनेक्टिविटी सड़क मार्ग। खासियत मुख्य आस्था का केन्द्र है बीजासन माता जी का मन्दिर। प्रत्येक नवरात्रि पर्व मनाया जाता है और माता रानी नवरात्रि की नवमी तिथि को भविष्य होने वाली घटनाओं एवं फसलों की अच्छी होने वाली भविष्यवाणी करती हैं जो कि अभी तक सत्य होती आ रही है। तहसील मुख्यालय से 11 किलोमीटर। ग्राम पंचायत गेहूंखेड़ी में गादेर, किशोरा सहित तीन गांव हैं जिनकी जनसंख्या 2300 है। साक्षरता प्रतिशत 80।









