
रिपोर्टर : रूपकिशोर सैनी,
नंदगांव। छाता शुगर मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर चल रहे धरने और आंदोलन के बीच क्षेत्र की राजनीति भी गरमा गई है। आंदोलन के दौरान कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण को लेकर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में मंगलवार को नंदगांव और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने मंत्री के समर्थन में प्रेसवार्ता की। ग्रामीणों ने आंदोलनकारियों से संयम बरतने और व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचने की अपील की। प्रेसवार्ता में ग्रामीणों ने कहा कि शुगर मिल को लेकर अपनी मांग रखना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि के खिलाफ आपत्तिजनक या व्यक्तिगत टिप्पणी करना उचित नहीं है। इससे मुद्दे की गंभीरता प्रभावित होती है और क्षेत्र का माहौल भी खराब हो सकता है। दान बिहारी चौधरी ने कहा कि छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने को लेकर कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण अपने स्तर से प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणियां करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मिल का मुद्दा किसानों के भविष्य से जुड़ा है और इसे राजनीतिक टकराव का विषय बनाने के बजाय समाधान की दिशा में प्रयास होना चाहिए। खरोट गांव से आईं फैली प्रधान ने कहा कि छाता शुगर मिल से हजारों किसानों और क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें जुड़ी हैं। मिल शुरू होने से किसानों को गन्ने की फसल के लिए स्थानीय सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। उन्होंने सभी पक्षों से आपसी समन्वय और सकारात्मक बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग धरना-प्रदर्शन की आड़ में माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
बदनगढ़ से आए अधिवक्ता उधम सिंह ने कहा कि चौधरी लक्ष्मी नारायण लंबे समय से क्षेत्र की राजनीति और जनसेवा से जुड़े हैं। उन्होंने सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत और अमर्यादित टिप्पणियों से सभी पक्षों को बचना चाहिए।नंदगांव चेयरमैन प्रतिनिधि भीम चौधरी ने कहा कि छाता शुगर मिल का मुद्दा किसी व्यक्ति विशेष से जुड़ा नहीं, बल्कि किसानों और आमजन के भविष्य से संबंधित है। इसलिए सभी पक्षों को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर समाधान की दिशा में काम करना चाहिए। पूर्व चेयरमैन बदन सिंह ने भी आंदोलनकारियों से अपनी मांगें शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अमर्यादित भाषा के बजाय मिल संचालन के लिए सकारात्मक प्रयासों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। रामगोपाल नेता ने कहा कि आंदोलन के दौरान गठित समिति के सदस्यों ने पूर्व सांसद कुंवर मानवेंद्र सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी मांग रखी है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन मिलने के बाद अब सरकार को मिल शुरू कराने की दिशा में आगे काम करने का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन को आगे बढ़ाने के बजाय सरकार के प्रयासों में सहयोग करना उचित होगा। प्रेसवार्ता में दान बिहारी चौधरी, दानों नेता, फैली प्रधान, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि भीम सिंह, अधिवक्ता उधम सिंह, कुम्पी पहलवान, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष बदन सिंह, रामगोपाल, भुवनेश गोस्वामी, रणवीर चौधरी, कुलदीप सिंह, किशन नेता सहित विभिन्न गांवों के ग्रामीण, किसान और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि छाता शुगर मिल के संचालन का मुद्दा क्षेत्र के किसानों के हित से जुड़ा है। ऐसे में राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी पक्षों को शांतिपूर्ण संवाद और सकारात्मक प्रयासों के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।









