
रिपोर्टर मोहम्मद अय्यूब शीशगर
इंदौर। इंदौर मेट्रो के विस्तारित कॉरिडोर का शनिवार को शुभारंभ हुआ। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेट्रो में सफर कर नई यात्री सेवा की शुरुआत की। गांधीनगर से मालवीय नगर चौराहा/रेडिसन चौराहा तक विस्तारित करीब 17 से 17.5 किलोमीटर लंबे मार्ग पर अब यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।
आम यात्रियों के लिए 6 सितंबर से मेट्रो सेवा शुरू होगी। दोनों छोरों से सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक प्रत्येक 15 मिनट में मेट्रो उपलब्ध रहेगी। प्रतिदिन 80 से अधिक फेरे संचालित किए जाएंगे। यात्रियों के लिए किराया 20 से 60 रुपये के बीच निर्धारित किया गया है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि मेट्रो के विस्तार से शहर के प्रमुख क्षेत्रों और बस स्टैंड तक कनेक्टिविटी मजबूत होगी। आने वाले समय में इसे रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर मेट्रो प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मेट्रो के माध्यम से गांधीनगर से मालवीय चौराहे तक विकास का सफर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ शहर की विरासत को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। इंदौर मेट्रो परियोजना परिवहन सुविधा के साथ विकास का नया अध्याय लिखेगी।
16 स्टेशनों से होकर गुजरेगी मेट्रो
गांधीनगर से रेडिसन चौराहे तक करीब 17.5 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर पर 16 स्टेशन बनाए गए हैं। यह मार्ग गांधीनगर, सुपर कॉरिडोर, एमआर-10, आईएसबीटी, चंद्रगुप्त मौर्य प्रतिमा, हीरा नगर, बापट चौराहा, मेघदूत गार्डन और विजय नगर सहित प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगा।
गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 तक करीब 6.3 किलोमीटर हिस्से में पहले से यात्री सेवा संचालित हो रही है। अब विस्तारित कॉरिडोर के जुड़ने से यात्रियों को लंबी दूरी की बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
उज्जैन और पीथमपुर तक विस्तार की योजना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर मेट्रो को भविष्य में उज्जैन और पीथमपुर तक विस्तार देने की दिशा में कार्य करने की बात कही। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को लेकर भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। एमजी रोड क्षेत्र में भूमिगत मेट्रो की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।
बड़े शहरों के लिए उपयोगी सार्वजनिक परिवहन
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि 20 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में मेट्रो सार्वजनिक परिवहन का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है। बढ़ती आबादी और यातायात की जरूरतों को देखते हुए मेट्रो शहरवासियों को सुविधाजनक और आधुनिक परिवहन विकल्प उपलब्ध कराती है।
मंच से कैलाश विजयवर्गीय की सराहना
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कैलाश विजयवर्गीय को अपना पुराना मित्र बताते हुए उनके राजनीतिक एवं संगठनात्मक योगदान की सराहना की। उन्होंने हरियाणा और पश्चिम बंगाल में भाजपा के संगठन विस्तार में विजयवर्गीय की भूमिका का भी उल्लेख किया।
आधुनिक सुविधाओं से लैस है मेट्रो
इंदौर मेट्रो की ट्रेनें पूरी तरह वातानुकूलित हैं। स्टेशनों पर सीसीटीवी, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, एस्केलेटर और लिफ्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। दिव्यांग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्री एमपीएमआरसीएल के मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल टिकट भी प्राप्त कर सकेंगे।
2019 में शुरू हुआ था निर्माण कार्य
इंदौर मेट्रो के शुरुआती कॉरिडोर के निर्माण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी। सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सितंबर 2023 में पहला ट्रायल रन हुआ। गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर-3 तक करीब 6.3 किलोमीटर हिस्से में 31 मई 2025 से यात्री सेवा शुरू हुई थी।
गांधीनगर से रेडिसन चौराहे तक पूरे कॉरिडोर का ट्रायल अक्टूबर 2025 में किया गया। इसके बाद 27 मार्च 2026 को इस हिस्से के संचालन के लिए सीएमआरएस की अनुमति प्राप्त हुई।
रेडिसन चौराहे से खजराना चौराहे तक मेट्रो विस्तार का कार्य जारी है। एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए भूमिगत मेट्रो की दिशा में भी कार्य आगे बढ़ रहा है।
तीन चरणों में विकसित होगा इंदौर मेट्रो नेटवर्क
फेज-1: सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर
करीब 6 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 तक है। इसमें 5 स्टेशन हैं। इसी हिस्से में 31 मई 2025 से यात्री सेवा शुरू हुई थी।
फेज-2: प्रायोरिटी कॉरिडोर
करीब 11 किलोमीटर लंबे इस हिस्से में सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 से मालवीय नगर/रेडिसन चौराहा तक मेट्रो पहुंचेगी। पहले चरण के 6 किलोमीटर हिस्से के साथ जुड़कर गांधीनगर से रेडिसन तक करीब 17 से 17.5 किलोमीटर का परिचालन कॉरिडोर तैयार हो गया है। इस पूरे मार्ग पर 16 स्टेशन हैं।
फेज-3: भूमिगत और एलिवेटेड कॉरिडोर
करीब 14 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित इस चरण में 12 स्टेशन शामिल हैं। इसमें भूमिगत और एलिवेटेड दोनों प्रकार के कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इसके पूरा होने के बाद इंदौर का मेट्रो नेटवर्क और अधिक क्षेत्रों तक पहुंचेगा तथा शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलेगी।









