
रिपोर्टर — वीरेन्द्र धाकड़
चांद। शासकीय महाविद्यालय चांद में शिक्षक दिवस के अवसर पर समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अमर सिंह सहित प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षक के महत्व और विद्यार्थियों के जीवन निर्माण में उनकी भूमिका पर विचार व्यक्त किए। प्राचार्य प्रो. अमर सिंह ने कहा कि गुरु विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं का विस्तार करने और जीवन में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। शिक्षक विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, संस्कार और जीवन मूल्यों का विकास कर उन्हें सफलता की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक में प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों को विकसित करने और नई पीढ़ी को नेतृत्व के लिए तैयार करने की सामर्थ्य होती है। प्रो. सकरलाल बट्टी ने कहा कि गुरु विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उनकी क्षमताओं को निखारने और नई संभावनाओं की तलाश के लिए प्रेरित करता है। शिक्षक विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और जीवन के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण प्रदान करता है। प्रो. सुरेखा तेलकर ने कहा कि गुरु विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ सेवा भावना, आत्मकल्याण और यथार्थ का बोध कराता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षक की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रहती है। प्रो. रक्षा उपश्याम ने कहा कि शिक्षक का आचरण विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत होता है। शिक्षक अपने व्यवहार और कार्यशैली के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों की सीख देता है प्रो. सुदीश सूर्यवंशी ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों में नई दृष्टि विकसित करता है और उन्हें ज्ञान एवं चेतना के उच्च स्तर तक पहुंचने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। प्रो. आर.के. पहाड़े ने कहा कि एक शिक्षक केवल जानकारी प्रदान नहीं करता, बल्कि विद्यार्थियों को विषय को समझने और उसे व्यवहार में अपनाने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक का कार्य विद्यार्थियों को सीखने के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना भी है। प्रो. अजय तेलंग ने कहा कि एक प्रतिभाशाली और दृढ़ संकल्पित विद्यार्थी अपने साथ-साथ परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर प्रयास और मजबूत संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया।संतोष अमोडिया ने कहा कि विश्वास, आस्था और निरंतर साधना व्यक्ति को अपने लक्ष्य तक पहुंचने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच के साथ अपने जीवन में निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। शिक्षक दिवस समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की।









