
रिपोर्टर – लखन ठाकुर
चोली। देवों की नगरी के रूप में प्रसिद्ध ग्राम चोली में भगवान श्री गणेश जी का अत्यंत प्राचीन और दुर्लभ विग्रह विराजमान है। यहां गजानन महाराज नृत्य करते हुए स्वरूप में दर्शन देते हैं। भगवान गणेश का यह अद्भुत स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था और आकर्षण का केंद्र है। मान्यता है कि गजानन महाराज के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। दर्शन के दौरान भक्तों के मन में गहरी श्रद्धा और भक्ति का भाव जागृत होता है। श्रद्धालु भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि एवं परिवार की मंगलकामना करते हैं ध्वजा के माध्यम से ग्राम की रक्षा की मान्यता ग्रामवासियों के अनुसार कुछ वर्ष पूर्व तेज बारिश और आंधी के दौरान आकाशीय बिजली मंदिर की ध्वजा पर आकर ठहरी। ग्रामीण इसे गजानन महाराज की कृपा और ग्राम की रक्षा से जोड़कर देखते हैं। इस घटना के बाद ग्रामवासियों की भगवान गणेश के प्रति श्रद्धा और भी प्रगाढ़ हुई। ग्रामीण गजानन महाराज को अपने ग्राम का रक्षक और विघ्नहर्ता मानते हैं। ग्राम चोली एक सनातनी गांव है – विधायक राजकुमार मेव हाल ही में क्षेत्र के विधायक श्री राजकुमार मेव ने ग्राम चोली पहुंचकर गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना एवं आरती में सहभागिता की। इस अवसर पर गांव की माता-बहनें, बच्चे, बुजुर्ग सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।विधायक श्री राजकुमार मेव ने कहा कि, “ग्राम चोली एक सनातनी गांव है। इस गांव में अनेक देवी-देवताओं के प्राचीन मंदिर हैं। यहां की धार्मिक परंपराएं और आस्था लोगों को जोड़ने का कार्य करती हैं। मैं अक्सर यहां दर्शन करने आता रहता हूं और यहां आकर मन को शांति मिलती है।” आरती के अवसर पर समस्त ग्रामवासी, ज्येष्ठ-श्रेष्ठ कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने भगवान गजानन महाराज के दर्शन एवं आरती का लाभ लिया और ग्राम की सुख-समृद्धि की कामना की।









