
रिपोर्टर – मुकेश चौधरी
शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिक्षकों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर रविवार 27 सितंबर को राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। धरने में भोपाल, नर्मदापुरम संभाग के साथ शिवपुरी, पिछोर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से शिक्षक शामिल हुए। नीलम पार्क में दिनभर शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में टेट परीक्षा से मुक्ति, ई-अटेंडेंस से संबंधित विषय सहित तीन सूत्रीय मांगें शामिल हैं। लंबे सेवाकाल के बाद टेट से मुक्ति की मांग धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संयुक्त मोर्चा के संयोजक एवं शासकीय शिक्षक संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष राकेश दुबे ने कहा कि शिक्षकों की नियुक्तियां शासन के विभिन्न नियमों एवं निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती 1998-99 में पंचायती राज अधिनियम, 2001 से 2003 के दौरान सुप्रीम कोर्ट के आदेश तथा 2005 से 2009 तक व्यापमं परीक्षा के माध्यम से हुई है।राकेश दुबे ने कहा कि कई शिक्षक 20 से 25 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में लंबे सेवाकाल के बाद पात्रता परीक्षा से संबंधित विषय पर सरकार से शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा है। लिखित निर्णय तक जारी रहेगा धरना राकेश दुबे ने कहा कि शिक्षकों की मांगों को लेकर यह धरना क्रमवार जारी रहेगा। प्रत्येक दिन अलग-अलग संभागों के शिक्षक नीलम पार्क पहुंचकर अपनी मांगों को रखेंगे। उन्होंने कहा कि संयुक्त मोर्चा शिक्षकों के साथ पूरी निष्ठा से खड़ा है और तीनों मांगों के समाधान के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा। धरने में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे शिक्षकों ने सहभागिता करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में विचार रखे।









