
रिपोर्ट – संदीप भक्ते
पांढुर्णा/सौसर/रामाकोना। ग्राम के वार्ड क्रमांक 17 दुर्गा कॉलोनी स्थित स्वर्गीय रामभाऊ जी खंडाईत शिक्षण समिति द्वारा संचालित गुरुकुल विद्या निकेतन हाईस्कूल रामाकोना में शनिवार को गणपति बप्पा का भक्तिभाव के साथ विदाई समारोह आयोजित किया गया। छात्र-छात्राओं ने “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष के साथ गुरुकुल के गणराजा को विदाई दी। शाला प्रांगण में हुई विदाई आरती अनंत चतुर्दशी के अवसर पर सबसे पहले शाला परिसर में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भगवान गणेश की विधिवत आरती की। इस दौरान विद्यार्थियों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ सहभागिता की। कार्यक्रम में संस्था के संचालक सदाशिव खंडाईत, प्राचार्या लक्ष्मी खंडाईत, कीर्ति खंडाईत, सेवानिवृत्त शिक्षक रामराव कुमरे, रमेश कापसे सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। शोभायात्रा में विद्यार्थियों ने बढ़ाया उत्साह शाला प्रांगण से भगवान गणेश की शोभायात्रा निकाली गई। छात्र-छात्राएं आकर्षक वेशभूषा एवं निर्धारित ड्रेस कोड में शामिल हुए। शोभायात्रा दुर्गा कॉलोनी माता मंदिर, श्री छत्रपति शिवाजी महाराज चौक, महात्मा गांधी चौक, श्री राज राजेश्वरी मंदिर, विट्ठल मंदिर एवं ग्राम पंचायत प्रांगण होते हुए गहरानाला स्थित विसर्जन स्थल पहुंची। कुमारी आंचल सेवकराम भक्ते के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने गणपति बप्पा की भक्ति से जुड़े गीतों पर रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं और विद्यार्थियों ने भक्तिभाव के साथ सहभागिता की। विसर्जन स्थल पर रही आवश्यक व्यवस्था गहरानाला में ग्राम पंचायत रामाकोना द्वारा गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई थी। पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में गुरुकुल के गणराजा का विधिवत विसर्जन संपन्न हुआ। संस्कार और शिक्षा गुरुकुल की पहचान संस्था की प्राचार्या श्रीमती लक्ष्मी खंडाईत ने कहा कि गुरुकुल परंपरा में शिक्षा के साथ संस्कारों का विशेष महत्व रहा है। वर्तमान में भी विद्यालय में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने के उद्देश्य से गणेशोत्सव जैसे आयोजन किए जाते हैं। मन लगाकर पढ़ाई करने का लिया संकल्प विसर्जन से पहले सभी छात्र-छात्राओं ने भगवान गणेश के समक्ष मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने माता-पिता और गुरुकुल का नाम गौरवान्वित करने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने श्रद्धा के साथ बप्पा को विदाई देते हुए अगले वर्ष पुनः आगमन की प्रार्थना की। गुरुकुल के साथ ही ग्राम के अन्य घरेलू एवं सार्वजनिक गणेश पंडालों में भी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन भक्तिमय वातावरण में किया गया।









