
रिपोर्ट – मुकुंद बेशरा
नबरंगपुर। जिले में बीते दो दिनों से लगातार बारिश के बीच चंदाहांडी विकासखंड क्षेत्र में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया। तेल, बड़ी, भंडार नदी और कुकुर जोर में जल प्रवाह बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में पानी पहुंचा। इसी दौरान चंदाहांडी पंचायत क्षेत्र के जूनापानी गांव में कुकुर जोर का पानी बस्ती तक पहुंच गया।जूनापानी गांव में स्थित आश्रम विद्यालय की शिक्षिका गौरी डोंगरे ने साहस और सेवा भावना का परिचय देते हुए जल प्रवाह के बीच पहुंचकर एक मकान में फंसी बुजुर्ग महिला मिथिला बाग को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके साथ ही गांव के पंच अनिरुद्ध बाग और संभारू बाग को भी सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद की।शिक्षिका गौरी डोंगरे के इस सेवाभावी कार्य की विकासखंड क्षेत्र में सराहना की जा रही है। उन्होंने विद्यालय की जिम्मेदारी के साथ ग्रामीणों की सहायता में भी सक्रिय सहभागिता निभाई।प्रभावित परिवारों की भी की सहायता बारिश को देखते हुए नबरंगपुर जिले में दो दिन के लिए विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया था। जूनापानी आश्रम विद्यालय नदी किनारे स्थित होने के कारण जिला कल्याण अधिकारी पालका रवींद्र ने विद्यालय के प्रधानाचार्य विजय कुमार साहू को आवश्यक निगरानी रखने के निर्देश दिए थे। इसी दौरान शिक्षिका गौरी डोंगरे ने विद्यालय और विद्यार्थियों की देखभाल के साथ गांव में प्रभावित परिवारों की सहायता की। उन्होंने ब्लॉक प्रशासन के सहयोग से परिवारों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद की तथा जरूरतमंदों को सूखा खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराई। शिक्षा के साथ समाजसेवा में भी सक्रिय शिक्षिका गौरी डोंगरे शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ समाजसेवा में भी सक्रिय रहती हैं। क्षेत्र में रेत शिल्प के माध्यम से लोगों को कला और जागरूकता से जोड़ने के लिए वह घर-घर जाकर कार्य करती हैं। छोटे बच्चों की शिक्षा के विकास के लिए अरविंद पूर्णनंग विद्यालय के माध्यम से भी शिक्षा प्रदान करने का कार्य कर रही हैं। गौरी डोंगरे ने कहा, “शिक्षक होना मेरा पेशा है, लेकिन समाजसेवा मेरा मिशन है। शिक्षा के साथ लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाने और समाज के लिए कार्य करने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।”









