
रिपोर्टर – बी. एल. चौधरी
मंदसौर। मंदसौर पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 22 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 30 मोबाइल सिम, 5 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। इसके साथ ही विभिन्न बैंक खातों में जमा 8 लाख रुपये से अधिक की राशि को लिक्विड फ्रिज कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, शामगढ़ निवासी एक महिला ने मेट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल अपडेट किया था। इसी दौरान साइबर ठग ने महिला से संपर्क कर स्वयं को एनआरआई बताया और शादी का प्रस्ताव देकर विश्वास में लिया। आरोपी ने नकली फोटो और कथित परिजनों के माध्यम से महिला से व्हाट्सऐप पर बातचीत कराई और शादी के लिए सहमति जताने का भरोसा दिलाया।
विश्वास कायम होने के बाद ठगों ने विदेश से महंगा गिफ्ट भेजने की बात कही। इसके बाद गिफ्ट कस्टम विभाग में पकड़े जाने, कस्टम ड्यूटी, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर महिला से अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। महिला को वास्तविक स्थिति की जानकारी होने तक उससे करीब 7.50 लाख रुपये अलग-अलग खातों में स्थानांतरित कराए जा चुके थे।
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गरोठ रामस्नेही मिश्र और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीतामऊ दिनेश प्रजापति के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी शामगढ़ उपनिरीक्षक कपिल सौराष्ट्रीय के नेतृत्व में साइबर सेल और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस टीम ने करीब डेढ़ से दो माह तक तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर मामले से जुड़े बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल माध्यमों की जानकारी जुटाई। जांच के दौरान आरोपियों के राजस्थान के जयपुर में होने की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ और विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर गिरोह के एक अन्य सदस्य को बिहार के अरवल जिले से अभिरक्षा में लिया गया। इस तरह गिरोह के मुख्य सरगना सहित कुल छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
इस तरह संचालित होता था गिरोह
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का एक सदस्य विदेश में रहकर मेट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से युवक-युवतियों से संपर्क करता था। वह स्वयं को एनआरआई बताकर विश्वास कायम करता और विदेश से महंगे पार्सल एवं गिफ्ट भेजने की बात कहकर कस्टम ड्यूटी, प्रोसेसिंग फीस अथवा कस्टम अधिकारी द्वारा पार्सल रोके जाने के नाम पर रकम जमा करवाता था।
गिरोह में अलग-अलग सदस्यों की भूमिका निर्धारित थी। एक टीम म्यूल बैंक अकाउंट और मोबाइल सिम उपलब्ध कराती थी। पुलिस के अनुसार, कई सिम आगरा, फिरोजाबाद, दिल्ली और बिहार से प्राप्त किए गए थे, जबकि कुछ सिम और बैंक खाते भोपाल से भी लिए गए थे।
दूसरी टीम अलग-अलग स्थानों और राज्यों में ठिकाने बदलकर जमा रकम को निकालने और निर्धारित खातों में जमा करने का काम करती थी। गिरोह का मुख्य व्यक्ति अलग-अलग खातों में जमा रकम की जानकारी रखता था और रकम निकालने के लिए निर्देश देता था।
पुलिस के अनुसार, बैंक खाते फ्रिज होने के बाद आरोपी संबंधित मोबाइल फोन, सिम, पासबुक और एटीएम कार्ड नष्ट कर देते थे। इसके बाद नए मोबाइल, सिम और बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। ठगी से जुड़े मोबाइल फोन और सिम का इस्तेमाल केवल संबंधित मामले के लिए किया जाता था।
गिरफ्तार आरोपी
1. त्रिलोकी कुमार, उम्र 26 वर्ष, निवासी भेलाही, पूर्वी चंपारण, बिहार।
2. शिवम गुप्ता, उम्र 25 वर्ष, निवासी भेलाही, पूर्वी चंपारण, बिहार।
3. बबलू कुशवाह, उम्र 25 वर्ष, निवासी भेलाही, पूर्वी चंपारण, बिहार।
4. गुंजन गुप्ता, उम्र 29 वर्ष, निवासी भेलाही, पूर्वी चंपारण, बिहार।
5. शशि कुमार, उम्र 24 वर्ष, निवासी भेलाही, पूर्वी चंपारण, बिहार।
6. टोनी कुमार, उम्र 34 वर्ष, निवासी छपिया, गोपालगंज, बिहार।
जब्त सामग्री
पुलिस ने आरोपियों से 22 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 30 मोबाइल सिम और 5 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों में जमा 8 लाख रुपये से अधिक की राशि को लिक्विड फ्रिज कराया गया है। पुलिस के अनुसार, वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद न्यायालयीन प्रक्रिया के माध्यम से राशि पीड़ित को वापस दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम की भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी शामगढ़ उपनिरीक्षक कपिल सौराष्ट्रीय, उपनिरीक्षक शैलेन्द्र सिंह कनेश, उपनिरीक्षक ओ.पी. राठौर, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सत्येंद्र सैनी, प्रधान आरक्षक आशीष बैरागी, प्रधान आरक्षक मुजफ्फर, आरक्षक मनीष बघेल, आरक्षक हरिओम मालवीय, प्रधान आरक्षक अर्जुन सिंह राठौर, आरक्षक हिरालाल यादव, आरक्षक इरफान खान, आरक्षक धर्मेश बैरागी, आरक्षक विशाल सिंह, आरक्षक प्रेम सिंह रावत एवं महिला आरक्षक रेखा भाटी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









