
रिपोर्टर – वाई. एस. जांगड़े
सक्ती, 07 अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत समाजहित और मानव सेवा से जुड़ी प्रेरणादायी पहलें सामने आ रही हैं। इसी क्रम में सक्ती निवासी एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता श्री चित्रंजय पटेल ने अपने पिता, सेवानिवृत्त प्राचार्य स्वर्गीय श्री घनश्याम पटेल के देहदान के संकल्प को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
श्री चित्रंजय पटेल ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय घनश्याम पटेल ने जीवनकाल में देहदान का संकल्प लिया था। उनके निधन के पश्चात परिजनों ने उनके संकल्प का सम्मान करते हुए पार्थिव शरीर सिम्स बिलासपुर को सौंप दिया।
इस मानवीय पहल के लिए जिला प्रशासन की ओर से स्वर्गीय घनश्याम पटेल के सुपुत्र श्री चित्रंजय पटेल को प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
स्वर्गीय घनश्याम पटेल का देहदान समाज में मानव सेवा और परोपकार की भावना को प्रोत्साहित करने वाला उदाहरण है। उनका यह संकल्प लोगों को देहदान के महत्व को समझने तथा समाजहित में आगे बढ़कर योगदान देने की प्रेरणा प्रदान करता है।
उनकी पहल यह संदेश देती है कि सेवा और मानवता की भावना जीवन की सीमाओं से परे भी प्रेरणा का माध्यम बन सकती है। एक सकारात्मक संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए अनुकरणीय उदाहरण बनकर समाज में सेवा की भावना को आगे बढ़ा सकता है।








