
रिपोर्टर – मोहम्मद आसीफ लंघा
आमला। शक्ति, भक्ति और आस्था के पावन पर्व शारदीय नवरात्रि के अवसर पर आमला में पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी संदेश दिया गया। रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को स्वर्गीय श्रीमती उर्मिला पांडे की स्मृति में श्री पंजाब राव पांडे परिवार द्वारा बरगद का पौधरोपण किया गया। सार्थक सृजन, आमला की प्रेरणा से आयोजित इस पहल के माध्यम से दिवंगत की स्मृति को प्रकृति से जोड़ते हुए समाज को हरियाली बढ़ाने और वृक्षों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर श्री पंजाब राव पांडे ने प्रकृति और मानव जीवन के संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आयु, वायु और वृक्ष का गहरा संबंध है। स्वच्छ वायु और स्वस्थ जीवन के लिए वृक्षों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। हरियाली में समृद्धि है और प्रकृति का संरक्षण ही सच्ची आराधना है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित भविष्य देने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधरोपण एवं पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभानी चाहिए।
नवरात्रि में प्रकृति संरक्षण का संकल्प भारतीय संस्कृति में प्रकृति को जीवन, शक्ति और समृद्धि का आधार माना गया है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की आराधना के साथ प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेना भी सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया गया कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी जीवनशैली में शामिल करना चाहिए। वृक्ष स्वच्छ वायु उपलब्ध कराने, मिट्टी के कटाव को कम करने, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और जीव-जंतुओं को आश्रय देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए पौधरोपण के साथ उनकी नियमित देखभाल करना भी आवश्यक है।
स्व. उर्मिला पांडे की स्मृति में लगाया बरगद का पौधा स्वर्गीय श्रीमती उर्मिला पांडे की स्मृति में बरगद का पौधा लगाकर पांडे परिवार ने पर्यावरण संरक्षण और भावनात्मक जुड़ाव का संदेश दिया। यह पहल इस विचार को प्रोत्साहित करती है कि अपनों की स्मृति को प्रकृति के संरक्षण से जोड़कर लंबे समय तक जीवंत रखा जा सकता है।
भारतीय परंपरा में बरगद को दीर्घायु, स्थिरता और छाया का प्रतीक माना जाता है। विशाल आकार ग्रहण करने वाला यह वृक्ष अनेक जीव-जंतुओं को आश्रय प्रदान करता है। ऐसे वृक्ष का पौधरोपण पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक सार्थक प्रयास है।
पौधरोपण की वास्तविक सफलता तभी सुनिश्चित होती है, जब लगाए गए पौधे की नियमित देखभाल की जाए और उसे सुरक्षित रखते हुए विकसित होने का अवसर दिया जाए।
जंगलों का संरक्षण और हरियाली बढ़ाना जरूरी श्री पंजाब राव पांडे ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण के साथ मौजूदा वृक्षों और जंगलों को सुरक्षित रखना भी आवश्यक है। उन्होंने अधिकाधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने और पौधरोपण को जनभागीदारी का अभियान बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, धार्मिक पर्व और अन्य शुभ अवसरों पर पौधे लगाने की परंपरा विकसित की जा सकती है। साथ ही, लगाए गए पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि वे विकसित होकर पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकें।
हर शुभ अवसर पर पौधरोपण करने की अपील कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों से अपील की गई कि वे नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लें। अपने आसपास पौधे लगाएं, जल संरक्षण को बढ़ावा दें और वृक्षों की सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करें।
इस पहल ने संदेश दिया कि सच्ची श्रद्धांजलि ऐसे सकारात्मक कार्यों के माध्यम से भी दी जा सकती है, जिनका लाभ समाज और प्रकृति को लंबे समय तक मिलता रहे। आज लगाया गया एक छोटा-सा पौधा भविष्य में विशाल वृक्ष बनकर अनेक लोगों को छाया और पर्यावरणीय लाभ प्रदान कर सकता है।
गणमान्य नागरिकों की रही सहभागिता इस अवसर पर श्री पंजाब राव पांडे, श्याम राव पाटकर, जगन्नाथ धोटे, नंदकिशोर वागड्रे, लखन लाल सोनी, विवेक साहू, शैलेन्द्र मालवीय, सखाराम बरडे, रूप लाल सोनी, श्रीमती रुक्मणी नारे तथा सार्थक सृजन से चंद्रशेखर सोनी एवं किशोर गुगनानी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मां शक्ति की आराधना के साथ प्रकृति की रक्षा का संकल्प भी महत्वपूर्ण है। अधिकाधिक पौधरोपण, वृक्षों का संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल करके ही स्वस्थ पर्यावरण और समृद्ध भविष्य की दिशा में सार्थक योगदान दिया जा सकता है।









