
रिपोर्टर – टेलू राम कश्यप
मैनपुर/गरियाबंद। मैनपुर के वनांचल क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसरों से जोड़ने की दिशा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 211वीं बटालियन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। बटालियन के अधिकारी और जवान युवक-युवतियों को पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए मार्गदर्शन दे रहे हैं। इसके साथ ही मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, सिलाई, मधुमक्खी पालन और कंप्यूटर शिक्षा जैसे रोजगारमूलक प्रशिक्षण शुरू करने की योजना भी बनाई जा रही है।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं को सरकारी नौकरी की तैयारी के साथ आजीविका के वैकल्पिक साधनों से जोड़ना है, ताकि वे अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार भविष्य का निर्माण कर सकें।
पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए नियमित प्रशिक्षण सीआरपीएफ के जवान जुगाड़ और इंदागांव क्षेत्र में युवक-युवतियों को पुलिस भर्ती के लिए शारीरिक अभ्यास और लिखित परीक्षा की तैयारी करा रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिदिन सुबह 8 बजे शुरू होता है। शुरुआती दो घंटे शारीरिक अभ्यास के लिए निर्धारित हैं। इसके बाद नाश्ते और विश्राम के उपरांत अभ्यर्थियों को कक्षा में लिखित परीक्षा की तैयारी कराई जाती है।
इस प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं में शारीरिक दक्षता, अनुशासन और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति जागरूकता विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण की सुविधा मिलने से दूरस्थ गांवों के युवाओं को अपने क्षेत्र में रहकर तैयारी करने का अवसर मिल रहा है।
जुगाड़ में 26 और इंदागांव में 16 युवक ले रहे प्रशिक्षण प्राप्त जानकारी के अनुसार, जुगाड़ शिविर में अब तक लगभग 26 अभ्यर्थी प्रशिक्षण में शामिल हो चुके हैं। वहीं, इंदागांव में 16 युवक नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। महिला अभ्यर्थी सरस्वती कश्यप भी पुलिस भर्ती की तैयारी में जुटी हैं।
अभ्यर्थी नियमित शारीरिक अभ्यास और लिखित परीक्षा की तैयारी के माध्यम से अपनी दक्षता बढ़ा रहे हैं। इस पहल से युवक-युवतियों को अपनी तैयारी बेहतर बनाने और भर्ती प्रक्रिया के निर्धारित मानकों को समझने में सहयोग मिल रहा है।
अधिकारियों के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा प्रशिक्षण कार्यक्रम सहायक कमांडेंट निरंजन कुमार एवं चिरंजीव कुमार के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। जुगाड़ क्षेत्र में उपनिरीक्षक रणजीत सिंह, संजय कुमार पांडेय एवं अभिलाष लम्बा अभ्यर्थियों को शारीरिक अभ्यास और लिखित परीक्षा की तैयारी में सहयोग दे रहे हैं।
प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारियों को उम्मीद है कि नियमित अभ्यास और उचित मार्गदर्शन से लगभग पांच से छह अभ्यर्थी पुलिस भर्ती प्रक्रिया में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, अंतिम चयन संबंधित भर्ती के निर्धारित नियमों, पात्रता और परीक्षा परिणामों पर निर्भर करेगा।
कंपनी कमांडर चिरंजीव कुमार एवं निरंजन कुमार ने क्षेत्र के युवक-युवतियों से इस पहल का लाभ उठाने की अपील की है। इच्छुक अभ्यर्थी जुगाड़ शिविर पहुंचकर अधिकारियों से संपर्क कर प्रशिक्षण संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं स्वरोजगार के अवसर विकसित करने की तैयारी सीआरपीएफ की 211वीं बटालियन द्वारा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से रोजगारमूलक प्रशिक्षण शुरू करने की योजना भी तैयार की जा रही है। इसके अंतर्गत मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, सिलाई, मधुमक्खी पालन और कंप्यूटर शिक्षा जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
इन प्रशिक्षणों के माध्यम से युवाओं को कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे वे भविष्य में स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें। इससे उन युवाओं को भी लाभ मिल सकता है, जो सरकारी नौकरी के साथ-साथ निजी व्यवसाय या आजीविका के अन्य साधन अपनाना चाहते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन, मुर्गी पालन और सिलाई जैसे कार्य रोजगार के उपयोगी विकल्प बन सकते हैं। वहीं, कंप्यूटर शिक्षा युवाओं को डिजिटल सेवाओं और अन्य रोजगारपरक गतिविधियों से जुड़ने में सहायता कर सकती है।
सुरक्षा के साथ विकास और आत्मनिर्भरता पर जोर किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास में शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें अपनी क्षमता पहचानने तथा भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने का अवसर मिलता है।
सीआरपीएफ की 211वीं बटालियन की यह पहल सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों के साथ स्थानीय समुदाय के विकास में सहभागिता का उदाहरण प्रस्तुत करती है। पुलिस भर्ती की तैयारी में सहयोग और रोजगारमूलक प्रशिक्षण की योजना से युवाओं को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं।
इस पहल को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षण की निरंतरता, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और प्रशिक्षण के बाद रोजगार अथवा स्वरोजगार से जुड़ने के अवसर भी महत्वपूर्ण होंगे।
मैनपुर के युवाओं के लिए उम्मीद की नई राह मैनपुर क्षेत्र के युवक-युवतियों को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना उनके भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में सकारात्मक प्रयास है। सीआरपीएफ की 211वीं बटालियन द्वारा पुलिस भर्ती की तैयारी में सहयोग देने के साथ स्वरोजगार के विकल्पों पर ध्यान केंद्रित करना युवाओं के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की संभावनाओं को बढ़ाता है।
यदि इन प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाया जाता है और युवाओं को प्रशिक्षण के साथ व्यावहारिक रोजगार के अवसर भी मिलते हैं, तो इसका लाभ स्थानीय परिवारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था तक पहुंच सकता है।
युवाओं को अवसर, उचित मार्गदर्शन और कौशल प्रदान करना ही आत्मनिर्भर समाज की मजबूत नींव है। मैनपुर में सीआरपीएफ की 211वीं बटालियन की यह पहल इसी उद्देश्य की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।









