
रिपोर्टर– वल्लभ लखेश्री।
वाल्मीकि समाज के पहले शिक्षाविद एवं समाज सुधारक स्व.श्री हरि भजन जी बारासा की प्रथम पुण्यतिथि के उपलक्ष में उदय मंदिर जोधपुर में उनके परिजनों ने शिक्षा को समर्पित श्रद्धांजलि का कार्यक्रम रखा जिसमें समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उनका हौसला अफजाई कर किसी पुण्यतिथि पर एक नवाचार का समाज को संदेश दिया।
कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों श्री लादूराम जोड़, श्री मांगीलाल चौहान, श्री राम कुमार बारासा, श्री ओम प्रकाश बारासा,श्री हंसराज बारासा, श्री घेवर चंद सर्वटा, श्री वल्लभ लखेश्री, डॉ गौतम पंडत,श्री प्रकाश पाराशर, श्री प्रकाश घारू आदि कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ बी आर अंबेडकर एवं स्वर्गीय हरी भजन जी की तस्वीर को माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया।
तत्पश्चात समाज की लगभग 100 प्रतिभाओं को (जो शिक्षा,खेल एवं कला जगत में अवल रही) कार्यक्रम में उपस्थित समाज के शिक्षा विदों एवं वरिष्ठ गुणी जनों द्वारा बाबासाहेब डॉक्टर बी आर अंबेडकर की प्रतिमाएं भेंट कर उन्हें पुरस्कृत किया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित समाज के प्रबुद्ध लोगों का स्व.हरीभजन जी के पुत्रों रमेश बारासा,हरीश बारासा,दिनेश बारासा,सुरेश बारसा,मुकेश बारसा एवं उनकी पुत्रीयो भंवरी देवी तथा उर्मिला ने क्रमशः सबको प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मान किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने स्वर्गीय हरि भजन जी के बताइए रास्तों पर चलकर समाज को शिक्षित करने एवं आंडम्बर मुक्त करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मेहरबान हंस,प्रेम सुख बारासा,ओम प्रकाश कल्ला,देशराज कल्ला,सचिन सर्वटा,विमल कल्ला चंपालाल सांगेला,कृपाचंद जैदिया, वीरेंद्र छवानी,नवीन बारासा,सुनील जोड़,विशाल गोंड राजदयाल घारू,सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम के समापन में जियालाल जी बारासा ने सबका आभार जताया कार्यक्रम का सफल संचालन घनश्याम जी खींची ने किया।









