
रिपोर्टर – देवेंद्र गुप्ता डोंगरगांव
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा रविवार, 25 अक्टूबर को डोंगरगांव में विजयदशमी उत्सव, पारंपरिक शस्त्र पूजन एवं भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। पूर्ण गणवेश में कदमताल मिलाते स्वयंसेवकों के अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के जयकारों से पूरा नगर गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ साकेतधाम परिसर में संघ की परंपरा के अनुसार विधि-विधान से शस्त्र पूजन के साथ हुआ। इसके उपरांत घोष की धुन पर स्वयंसेवकों का भव्य पथ संचलन साकेतधाम से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों एवं चौक-चौराहों से गुजरा। इस दौरान मार्ग में अनेक स्थानों पर नागरिकों और मातृशक्ति ने स्वयंसेवकों पर उत्साहपूर्वक पुष्पवर्षा कर उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। नगर भ्रमण के पश्चात पथ संचलन निर्धारित स्थल पर पहुंचकर विसर्जित हुआ।
निर्भय राम श्रीवास रहे मुख्य अतिथि, अनिल श्रीवास्तव ने किया संबोधित :
इस गरिमामय उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में सेन समाज के निर्भय राम श्रीवास उपस्थित रहे। वहीं, मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह सेवा प्रमुख अनिल श्रीवास्तव ने उपस्थित स्वयंसेवकों एवं प्रबुद्ध नागरिकों को संबोधित किया।
अपने बौद्धिक उद्बोधन में प्रांत सह सेवा प्रमुख अनिल श्रीवास्तव ने संघ की स्थापना, उसके मूलभूत उद्देश्यों तथा राष्ट्र निर्माण में संघ के सेवा कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने समाज को संगठित, सशक्त और चरित्रवान बनाने के उद्देश्य से संघ की स्थापना की थी। विजयदशमी का पर्व शक्ति साधना, समरसता और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवाभाव से पहुंचने तथा सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।
बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित -कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संघ के स्वयंसेवक, गणमान्य नागरिक एवं मातृशक्ति उपस्थित रहे। अनुशासित वातावरण और उत्साह के बीच विजयदशमी उत्सव संपन्न हुआ।
इस अवसर पर खंड संघचालक दिग्विजय शांडिल्य, विभाग प्रचार प्रमुख रेवादास मानिकपूरी, विभाग सेवा प्रमुख अभय बाजपेई, जिला प्रचार प्रमुख प्रेम गोस्वामी, जिला सेवा प्रमुख झरेंद्र श्रीवास तथा खंड कार्यवाह भजन लाल साहू सहित नगर एवं अंचल के गणमान्य नागरिक, मातृशक्ति और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।









