
रायसेन। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को महलपुर पाठा में आयोजित श्रीकृष्ण पर्व कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विरासतों को सहेजने और संस्कृति को भव्य स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है। महलपुर पाठा मंदिर का विकास कर इसे प्रदेश के भव्यतम मंदिरों में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन मूल्यों को याद करते हुए कहा कि जब उन्होंने सिर पर मोर मुकुट धारण किया तो वह केवल श्रृंगार नहीं था, बल्कि ग्रामीण संस्कृति और प्राकृतिक जीवन शैली को सर्वोपरि रखने का संदेश था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति संतों के आशीर्वाद से ही फल-फूल रही है और समाज को नई दिशा दे रही है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि महलपुर पाठा मंदिर परिसर में विशाल मेला आयोजित किया जाएगा, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
युवाओं को मिलेगा रोजगार
डॉ. यादव ने कहा कि रायसेन जिला अब मेट्रोपॉलिटन सिटी की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। आने वाले वर्षों में यहां बड़े पैमाने पर औद्योगिक और शहरी विकास कार्य होंगे, जिससे जिले के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
136 करोड़ की सौगात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सांची विधानसभा क्षेत्र में कुल 136 करोड़ रुपए की लागत से कई विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इनमें सड़क, बिजली, शिक्षा और पेयजल से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।
धार्मिक आस्था और विकास का संगम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि धार्मिक आस्था के केंद्रों को पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि महलपुर पाठा मंदिर आने वाले समय में प्रदेश का प्रमुख धार्मिक स्थल बनेगा और यहां लगने वाला मेला देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा।









