
प्रयागराज।प्रधान मंत्री योजना (ग्रामीण) में प्रयागराज ज़िले से एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। जांच में सामने आया है कि यहाँ 9 हज़ार से अधिक लोगों ने फर्जी तरीके से योजना का लाभ उठाया। इन लोगों ने खुद को बेघर दिखाकर सरकार से आर्थिक सहायता की पहली किस्त प्राप्त कर ली, जबकि वास्तविकता यह है कि अधिकांश लाभार्थियों के पास पहले से पक्के मकान मौजूद हैं।
जिला प्रशासन द्वारा की गई जाँच में स्पष्ट हुआ कि योजना के पात्रता नियमों का उल्लंघन करते हुए कई लोगों ने नकली दस्तावेज़ लगाकर रकम हासिल की। योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को 1.20 लाख रुपये की सहायता मिलती है, जिसे किस्तों में दिया जाता है। बड़ी संख्या में लोगों ने इस रकम की पहली किस्त ले ली, लेकिन न तो मकान का निर्माण कराया और न ही पात्रता की शर्तों को पूरा किया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रिकवरी और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि जिन लाभार्थियों ने नियमों के विरुद्ध राशि प्राप्त की है, उनसे रकम वापस वसूलने की तैयारी की जा रही है। साथ ही संबंधित जिम्मेदारों की भी भूमिका की जांच हो रही है।
स्थानीय स्तर पर यह घोटाला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले असली पात्र परिवारों का कहना है कि उनकी उपेक्षा कर अपात्र लोगों को लाभ पहुँचाया गया, जिससे योजना की साख पर भी सवाल उठे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसी गड़बड़ियाँ सरकारी योजनाओं के असली उद्देश्य को कमजोर कर देंगी। जिला प्रशासन का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही पूरी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी।









