
नई दिल्ली।
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म रैपिडो (Rapido) पर ₹10 लाख का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई कंपनी द्वारा चलाए गए भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ की गई है। विज्ञापन में दावा किया गया था—“5 मिनट में ऑटो या ₹50 कैशबैक”—लेकिन उपभोक्ताओं को वास्तविक नकद कैशबैक नहीं मिल रहा था।
क्या था मामला?
रैपिडो ने देशभर के 120 से अधिक शहरों में लगभग 548 दिनों तक यह विज्ञापन चलाया। विज्ञापन के अनुसार, अगर 5 मिनट में ऑटो नहीं मिलता तो उपभोक्ता को ₹50 लौटाने का वादा था। लेकिन हकीकत में उपभोक्ताओं को नकद रिफंड के बजाय केवल Rapido coins दिए गए। ये वाउचर सिर्फ बाइक राइड्स के लिए मान्य थे और सिर्फ 7 दिनों तक उपयोग किए जा सकते थे।
उपभोक्ताओं की शिकायतें
जून 2024 से जुलाई 2025 के बीच रैपिडो के खिलाफ 1,200 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें आधी से अधिक शिकायतों का निस्तारण नहीं किया गया। शिकायतें ज्यादातर ओवरचार्जिंग, कैशबैक ना मिलना, रिफंड में देरी और ड्राइवरों के व्यवहार से जुड़ी रहीं।
CCPA का आदेश
CCPA ने रैपिडो को निर्देश दिए हैं कि—भ्रामक विज्ञापन तुरंत बंद किए जाएं।प्रभावित उपभोक्ताओं को ₹50 का पूरा रिफंड दिया जाए।कंपनी को 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) प्रस्तुत करनी होगी।
क्यों पड़ा जुर्माना?
CCPA ने माना कि रैपिडो के विज्ञापन ने उपभोक्ताओं को गुमराह किया। विज्ञापन में ‘कैशबैक’ शब्द का इस्तेमाल किया गया, जबकि वास्तव में नकद राशि लौटाई ही नहीं जाती थी। इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन और अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) माना गया।
रिपोर्ट -रोशनी शुक्ला नई दिल्ली









